हनुमानगढ़. तकदीर का फंसाना, जाकर किसे सुनाएं…यह फिल्मी गीत इन दिनों जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त अभियंताओं के हालात पर सटीक बैठ रहा है। स्थिति यह है कि पहले तो सरकार ने अभियंताओं को पदोन्नति दे दी। सहायक अभियंता को अधिशाषी अभियंता व अधिशाषी अभियंता को अधीक्षण अभियंता पद पर पदोन्नति मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद पदोन्नति पाने वाले इन अभियंताओं की सेवानिवृत्ति भी पूरे मान-सम्मान के साथ हो गई। मगर विदाई के करीब पांच-छह वर्ष बाद सरकार उनके नाम से अब रिफिक्सेशन तथा रिकवरी निकाल रही है। कुछ अभियंता तो ऐसे हैं जिनकी सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु भी हो चुकी है।
इस दौरान अब सरकार उनके घरों में रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने को लेकर नोटिस भेज रही है। पूरे प्रकरण से क्षुब्ध सेवानिवृत्त अभियंताओं ने अब कलक्टर के मार्फत जल संसाधन विभाग के प्रमुख शाासन सचिव के नाम ज्ञापन भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया है। इसमें बताया है कि राज्य सरकार के इस फैसले से जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त व अन्य ८२ एक्सईएन व एसई प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन के जरिए उक्त सेवानिवृत्त व अन्य अभियंताओं ने आरोप लगाया है कि जयपुर कार्यालय में बैठे कुछ अभियंताओं की ओर से साजिश करके जल संसाधन विभाग में मई २०१८ में फर्जी वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नतियां करके राज्य सरकार को करोड़ों की हानि पहुंचाई गई है। विधानसभा चुनाव से पूर्व वर्ष २०१८ में सोची-समझी योजना के तहत नियम विरुद्ध वरिष्ठता में हेरफेर कर समय से पूर्व पदोन्नति के इच्छुक कुछ अभियंताओं को लाभ पहुंचा गया है। इसमें मुख्य अभियंता के फर्जी हस्ताक्षर से कई तरह के पत्र जारी करने का आरोप भी लगाया गया है।
विदाई ले चुके अभियंताओं को अब क्या नुकसान
जल संसाधन विभाग में निर्धारित अवधि तक ड्यूटी देने के बाद सेवानिवृत्ति लेने वाले एक्सईएन व एसई को अब करीब पांच-छह वर्ष बाद रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने को लेकर निर्देशित किया गया है। घरों में नोटिस भेजने के बाद जहां सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। वहीं पेंशन की राशि भी कम होगी। पीडि़त अभियंताओं का कहना है कि रिफिक्सेशन की कार्रवाई से पेंशन राशि में १२०० से १५०० रुपए तक की कमी आ सकती है। दी गई पदोन्नति छीनना किसी हिसाब से उचित नहीं है। सरकार तक मांग पहुंचाने के बाद जल्द इस मामले में राहत नहीं मिलने पर अभियंताओं ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
इन जिलों के अभियंता प्रभावित
नहरी महकमे में रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने के निर्देश से प्रदेश के जोधपुर, जयपुर, कोटा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, भीलवाड़ा, चितौडग़ढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा व चंडीगढ़ (पंजाब) आदि जिलों में कार्यरत विभागीय अभियंता प्रभावित हो रहे हैं। पीडि़त अभियंताओं की मांग है कि वर्ष २०१८ में हुई डीपीसी को निरस्त कर वर्ष २०१४ की डीपीसी को तत्काल बहाल किया जाए। इसे लेकर शुक्रवार को श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ के सेवानिवृत्त अभियंताओं के दल ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत करवाया। इस मौके पर सेवानिवृत्त अभियंता प्रभुदयाल छाबड़ा, सतनाम सिंह पुन्नी, विक्रमजीत सिंह आदि मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से जयपुर कार्यालय स्तर पर गड़बड़ी कर की गई फर्जी डीपीसी को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही वर्ष २०१४ की डीपीसी बहाल करने की मांग रखी है।
दो जून २०१४ को हुई मूल डीपीसी हो बहाल
जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव को प्रेषित ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जल संसाधन विभाग कार्यालय मुख्य अभियंता जयपुर में पदस्थापित अभियंताओं की ओर से पद का दुरुपयोग करते हुए योजनाबद्ध साजिश रच डीबी स्पेशल अपील आदेश को छिपाते हुए आईएएस अधिकारियों व अध्यक्ष डीपीसी से अनभिज्ञ रख कर निजी हित में डीपीसी रिव्यू करवाकर राज्य सरकार को करोड़ों की हानि पहुंचाई गई है। विधि द्वारा स्थापित व्यवस्था के विरुद्ध सैंकड़ों सेवानिवृत्त अधिकारियों को पदावनत के आपराधिक कृत्य करने में लिप्त अभियंताओं को तत्काल वर्तमान पद से अलग कर विधिक जांच उपरांत कार्रवाई करने की मांग की है। सहायक अभियंता ( सिविल ) से अधिशाषी अभियंता पद की मूल डीपीसी दो जून २०१४ को तत्काल बहाल करने की मांग की गई है। इसके अलावा २१ मई २०१८ व नौ जुलाई २०१८ को हुई डीपीसी को निरस्त करने की मांग की गई है।
…..फैक्ट फाइल….
-जल संसाधन विभाग में जनवरी २०२१ में प्रदेश के ८२ अभियंताओं को रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने का नोटिस भेजा गया है।
-सेवानिवृत्त अभियंता अब वर्ष २०१४ की डीपीसी को बहाल करने की कर रहे मांग।
-रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने पर सेवानिवृत्त अभियंताओं की पेंशन में १२०० से १५०० रुपए तक की होगी कमी।
-नहरी सिस्टम के संचालन से प्रदेश में करोड़ों रुपए का हो रहा अन्न उत्पादन।
……वर्जन….
निष्पक्ष जांच की मांग
जल संसाधन विभाग में वर्ष १९७८ में जेईएन पद पर मेरी नियुक्ति हुई थी। नवम्बर २०१४ में एक्सईएन रहते मेरी सेवानिवृत्ति हुई। जनवरी २०२१ में रिफिक्सेशन की कार्रवाई करने को लेकर अब रिकवरी करने की सूचना मिली है। हमें सरकार ने नियमानुसार डीपीसी कर पदोन्नति दी थी। मगर बाद में मुख्यालय में बैठे कुछ अभियंताओं ने मूल तथ्यों को छिपाते हुए दोबारा डीपीसी सूची जारी करवा दी। इस मामले की हम निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
-प्रभुदयाल छाबड़ा, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता, जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ कार्यालय
करेंगे रिफिक्सेशन की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग में जो रिव्यू डीपीसी हुई है, इसे लेकर निर्देश प्राप्त हुए हैं। कई अभियंताओं की सूची भी हमें मिली है। इसके फलस्वरूप विभागीय अभियंताओं की रिफिक्सेशन की कार्रवाई अभी प्रक्रियाधीन है। नियमानुसार ही रिफिक्सेशन की कार्रवाई पूर्ण की जाएगी।
-वीरेंद्र सिंह मीणा, एसई, (प्रशासन), जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़