बीकानेर. गांधी जयंती से प्रशासन शहरों के संग अभियान का आगाज होना है। जिला प्रशासन सहित सभी विभाग अभियान की तैयारियों में जुट गए है। जिला कलक्टर ने अभियान से पहले प्री -कैम्प आयोजित कर समस्याओं को चिह्नि करने के आदेश भी संबंधित विभागों को दे दिए है। अभियान को लेकर नगर निगम का जोनल प्लान अब तक तैयार नहीं हुआ है। जोनल प्लान तैयार नहीं होने की स्थिति में विभिन्न प्रकार के पट्टों को जारी करने में दिक्कत आ सकती है। यही नहीं निगम की सबसे बड़ी दिक्कत प्रमुख पदों के रिक्त होने और कार्यवाहक अधिकारियों के भरोसे अभियान की कमान की है। रिक्त पदों पर स्थायी अधिकारी नहीं होने का असर आमजन की समस्याओं के निस्तारण पर पड़ सकता है।
न आयुक्त स्थायी न ही एटीपी
प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान निगम आयुक्त की भूमिका अहम रहनी है। निगम में आयुक्त का पद रिक्त चल रहा है। उपायुक्त पंकज शर्मा को आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभारा सौंप रखा है। वहीं सहायक नगर नियोजक का पद भी मामराज चौधरी के नागौर स्थानांतरण के बाद से रिक्त चल रहा है। सहायक अभियंता संजय ठोलिया को एटीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा है। निगम में स्वास्थ्य अधिकारी के दो पद है। दोनो ही पदों पर स्थायी अधिकारी नही ंहै। एक पद एसआई को अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा है। डीएलबी निदेशक ने इस पद पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारी ओम प्रकाश जावा को हटाने के आदेश जारी किए हुए है।
पट्टे बनने पर संशय
प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान कई स्थितियों में पट्टे तभी जारी हो सकेंगे, जब निगम का जोनल प्लान तैयार होगा। कब्जा नियमन, खांचा भूमि, कच्ची बस्तियों आदि में पट्टे जारी करने में परेशानी हो सकती है। मार्गाधिकार भी जोनल प्लान के बाद तय हो सकेगा। भू रूपांतरण में बिना जोनल प्लान दिक्कत हो सकती है। हालांकि निगम अधिकारी अभियान से पहले जोनल प्लान तैयार होने की बात कह रहे है, लेकिन जिस प्रकार से ढिलाई चल रही है, जोनल प्लान आनन-फानन में ही तैयार होने की अधिक संभावना लग रही है। वहीं निगम आयुक्त पंकज शर्मा के अनुसार निगम का जोनल प्लान तैयार नहीं हुआ है।