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एक साहित्यकार की 51 पुस्तकों का एक साथ विमोचन

बीकानेर . नगर के वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा की हिन्दी और राजस्थानी भाषा में नवप्रकाशित विभिन्न विधाओं की 51 पुस्तकों का एक साथ विमोचन धरणीधर रंगमंच सभागार में हुआ। प्रज्ञालय संस्थान की ओर से आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डॉ. अर्जुनदेव चारण ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा ने अपने सृजन से आने वाली पीढि़यों के लिए साक्षी भाव रखा है। 51 पुस्तकों का विमोचन शब्द शिल्पी रंगा की सृजन यात्रा का सम्मान है।

केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि साहित्यकार रंगा ने 125 पुस्तकें रचकर कई पीढि़यों को संस्कारित किया है जो हमारे लिए गौरव की बात है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा का साहित्य आज जन-जन की जुबान बन गया है। रंग सवायौ समारोह में कथाकार कमल रंगा ने लक्ष्मीनारायण रंगा की 70 साल की सृजन यात्रा पर प्रकाश डाला। साहित्यकार रंगा की अस्वस्थता के कारण उनकी पौत्री डॉ. चारूलता रंगा ने उनके लिखित उद्बोधन को पढ़ा। रंगा के रंगकर्म पर पत्र वाचन दयानंद शर्मा ने और साहित्य पर पत्रवाचन हरि शंकर आचार्य ने किया।

संस्थान की ओर से अतिथियों का स्वागत राजेश रंगा, पुनीत रंगा व अंकित रंगा ने किया। धरणीधर रंगमंच ट्रस्ट की ओर से अशोक आचार्य व आनन्द जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विभिन्न संस्थाओं ने किया अभिनन्दन
समारोह में शहर की विभिन्न संस्थाओं की ओर से साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा का अभिनन्दन किया गया। समारोह में मौजूद गणमान्य लोगों एवं परिजनों की ओर से भी रंगा का अभिनन्दन किया गया। आगतुंकों का आभार सुमित रंगा ने व्यक्त किया।

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