श्रीगंगानगर. राइट टू हेल्थ में संशोधनों से असहमत प्राइवेट डॉक्टर्स ने गुरुवार को आउटडोर में जांच बंद रखी। इन लोगों का कहना है कि राइट टू हेल्थ में सरकार ने डॉक्टर्स की मांग पर कुछ संशोधन किए हैं लेकिन पूरी तरह से डॉक्टर्स की डिमांड को पूरा नहीं करते हैं। डॉक्टर्स जिस तरह के संशोधन चाहते थे वे नहीं किए गए हैं। जो संशोधन किए गए हैं, वे केवल दिखावा करने के लिए हैं। इससे डॉक्टर्स को नुकसान की आशंका है।
रोगी हुए निराश
इस बीच गुरुवार को प्राइवेट डॉक्टर्स की हड़ताल से रोगी परेशान हुए। प्राइवेट हॉस्पिटल्स में पहुंचे रोगियों ने इलाज नहीं होने पर सरकारी अस्पतालों का रुख किया। सरकारी अस्पतालों में रोगियों की संख्या बढ़ी। श्रीगंगानगर के ही नहीं पंजाब से आए रोगियों को भी इस हड़ताल से जबर्दस्त परेशानी हुई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.सुभाष राजोतिया ने बताया कि आरटीएच में जो भी संशोधन किए गए हैं, वे नाम मात्र के हैं। असल में इससे डॉक्टर्स को कोई लाभ नहीं होने वाला। आरटीएच की पालना करने पर उन्हें आने वाली परेशानियां यथावत रहेंगी। उनका कहना था कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर शुक्रवार से सरकारी योजनाओं का बहिष्कार किया जाएगा।