जयपुर
BVG घूसकांड और फोन टैपिंग प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी-आरएसएस को निशाने पर लिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पीसीसी में मीडिया से बातचीत में कहा, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम कितने दिन छिपकर दिल्ली में बैठेंगे, सामने तो आना पड़ेगा। केंद्र के नेताओं के साथ मिलकर निंबाराम सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कर रहे हैं।
डोटासरा ने कहा- दोनों ही सामने नहीं आ रहे हैं। गजेंद्र सिंह आज तक वॉइस सैंपल देने नहीं आए। निंबारामजी सामने नहीं आ रहे हैं, कितने दिन बचेंगे भाई। आपकी नीयत ठीक है और आप अगर पाक साफ हैं तो खुद आगे चलकर सामने आना चाहिए कि हां, मैं इंवेस्टिगेशन के लिए तैयार हूं, जो चीज पूछनी है वह पूछिए। अगर कोई छिपकर बैठेगा तो ऐसा नहीं है कि कानून अपना काम करने से रुक जाएगा। कानून बदला नहीं जा सकता है, जो दोषी है उसे सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा, इसमें देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं।
डोटासरा ने 30 जून को की थी निंबाराम को गिरफ्तार करने की मांग
गोविंद सिंह डोटासरा ने 30 जून के पीसीसी में मीडिया से बातचीत में कहा था- आरएसएस के प्रमुख व्यक्ति सहित चार लोगों के खिलाफ जांच के बाद ACB ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें राजाराम और कंपनी के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया है। मेरा यह सवाल कि RSS के प्रमुख व्यक्ति जिसकी भ्रष्टाचार की डील करते हुए मौजूदगी वीडियो में साबित हो रही है उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? मेरी सरकार से भी मांग है कि ऐसे व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे लोग है उनको भी सामने लाया जाए।
बीवीजी मामले में आरएसएएस-बीजेपी निंबाराम के साथ
बीवीजी मामले में निंबाराम के खिलाफ एफआईआर को लेकर आरएसए ने सफाई दी थी। आरएसएस के क्षेत्र कार्यवाह ने कहा था कि बीवीजी कंपनी प्रतिनिधि CSR फंड में सहयोग का प्रस्ताव लेकर निंबाराम से मिले थे इसे भ्रष्टाचार से जोड़ना गलत है। पैसे का कोई लेनदेन नहीं हुआ। बीजेपी ने गहलोत सरकार पर आरएसएस की छवि खराब करने और राजनीतिक प्रतिशोध से काम करने का आरोप लगाया।