जयपुर
जयपुर में एक बार फिर शादी से पहले दुल्हन के भागने का मामला सामने आया है। दरअसल, मामला दलालों को पैसे देकर शादी करने से जुड़ा है। दलालों ने महाराष्ट्र से शादी का झांसा देकर युवती बुलाई थी। युवक ने दुल्हन पसंद कर 1.80 लाख रुपए दे दिए और 500 रुपए के स्टांप पर पूरी लिखा-पढ़ी की गई। 20 जून को मंदिर में सात फेरों से पहले 19 जून को दुल्हन बालकनी से चुन्नी बांध कर नीचे उतरी और फरार हो गई। सुबह दुल्हन नहीं मिली तो युवक ने बगरू थाने में मामला दर्ज कराया। मामले की जांच एएसआई रणसिंह कर रहे हैं।
शादी नहीं हो रही थी
बगरू में धोबियों का मोहल्ला के रहने वाले राजेश शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसकी काफी समय से शादी नहीं हो रही थी। उसे दो महीने पहले गणेश नारायण शर्मा मिला। उसने आश्वस्त किया कि तुम्हारी शादी हो जाएगी। महाराष्ट्र में ब्राह्मणों की लड़की मिल जाएगी। उनसे तुम्हारी शादी करवा दूंगा। उसने घर पर पहुंच कर परिजनों से बात की। शादी की बात सुनकर परिजन राजी हो गए। शादी की बात पर राजी होने पर गणेश शर्मा, विक्की शर्मा, मोहम्मद नजीर वकील उनसे आकर मिले। उनके बीच में शादी की बात हो गई।
दुल्हन दिखाने के लिए कई लड़कियां लेकर आए
शादी की बात तय होने पर तीनों उनके पास कई लड़कियों को लेकर आए। राजेश व उसके परिजनों को उन लड़कियों में से दीपाली नाम की लड़की पसंद आ गई थी। दीपाली के पिता जगन्नाथ राय से उनके बीच में शादी की बात तय हो गई। गणेश शर्मा, विक्की शर्मा, मोहम्मद नजीर वकील ने शादी के लिए 1.80 लाख रुपए मांगे। तब राजेश ने अपनी मां के खाते से रुपए निकाल कर तीनों को दे दिए। उन्होंने सांभर न्यायालय में जाकर 500 रुपए के स्टांप पेपर पर लिखा-पढ़ी की बात की। वे सभी मिलकर सांभर न्यायालय गए। वहां पर शादी का पूरा ब्यौरा स्टांप पेपर पर रजिस्टर्ड कराया गया। गणेश शर्मा, विक्की शर्मा, मोहम्मद नजीर वकील के साथ ही दीपाली के परिजनों के बीच बातचीत हुई।
शादी के फेरों से पहले भागी
स्टांप पर पूरी बातें लिखने के बाद वे दुल्हन को लेकर बगरू आ गए। दीपाली राजेश शर्मा के साथ ही घर में रहने लगी थी। 20 जून को मंदिर में विधिवत शादी होनी थी। 19 जून को पूरा परिवार सो रहा था। रात को 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच में बालकनी से चुन्नी बांध कर नीचे उतरकर दीपाली चली गई। सुबह उठे तो वह कमरे में नहीं मिली। राजेश शर्मा ने तीनों दलालों को फोन कर पूरी बात कही। दलाल उन्हें झांसा देते रहे। इसके बाद दलालों से भी संपर्क नहीं हुआ।