दर्द की भी कई तरह का होता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इसकी कैटेगरी तैयार की है। उनका कहना है क्रॉनिक पेन यानी लम्बे तक होने वाला दर्द 9 तरह का होता है। इन्हें समझाने के लिए बॉडी पेन का एक मैप तैयार किया है।
इस पर रिसर्च करने वाली पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, मरीज इन्हीं 9 में से एक दर्द से जूझते हैं। यह स्टडी 21,500 लोगों पर की गई है।
कौन सा दर्द खतरनाक है, ये पता लगा सकते हैं
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कम्प्यूटर क्लस्ट्रिंग एनालिसिस के जरिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले दर्द का विश्लेषण किया गया। इसे 9 हिस्सों में बांटा गया। इन हिस्सों में होने वाले दर्द की मदद से यह बताया जा सकता है कि दर्द कितनी तेज है, दर्द का शरीर पर क्या असर होगा और इसका शरीर की एक्टिविटी, मूड और नींद पर क्या असर पड़ सकता है।
जैसे- पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर से घुटने तक पहुंचने वाला दर्द, गर्दन और कंधों के दर्द के मुकाबले ज्यादा परेशान करने वाला होता है। ऐसे लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत होती है लेकिन इनमें बेचैनी, डिप्रेशन और नींद की दिक्कत दूसरी तरह के दर्द सहने वालों के मुकाबले कम होती है।
क्रॉनिक पेन इसलिए न करें नजरंदाज
शोधकर्ताओं का कहना है, क्रॉनिक पेन को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। यह बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। भविष्य में इस तरह का पेन मैप इसके इलाज में मदद करेगा। लम्बे समय तक ऐसा दर्द रहे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।