नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को धर्म संसद को लेकर भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की जमकर खिंचाई की। न्यायालय ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह अदालत में सार्वजनिक रूप से यह कहें कि रुड़की में निर्धारित ‘धर्म संसद’ में कोई अप्रिय बयान नहीं दिया जाएगा। कार्यक्रम बुधवार को होना है। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश से भी सवाल पूछा।
एक अलग सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक कार्यक्रम पर हिमाचल प्रदेश सरकार से भी तीखे सवाल किए। इस कथित धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे भाषण दिए गए थे और हिंदुओं को हिंसा का सहारा लेने का आह्वान किया गया था।
शीर्ष अदालत ने हिमाचल की भाजपा सरकार से पूछा कि उसने आग लगाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की। अदालत ने कहा, “सरकार को इस तरह की गतिविधि को रोकना होगा। राज्य सरकार को हमें बताना होगा कि क्या कोई निवारक उपाय किए गए थे या नहीं।”