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नई ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन के नियम में संशोधन आदेश जारी

अब तीन लाख रुपए शेयर कैपिटल और 300 सदस्य होने पर भी होगा पैक्स, लैम्पस का गठन
श्रीगंगानगर।
राजस्थान में नई ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन के मामले में राहत प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने हिस्सा राशि और सदस्य संख्या में कमी कर दी है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि नई ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन के नियम में हिस्सा राशि को 5 लाख रुपए से घटाकर 3 लाख रुपए एवं न्यनूतम सदस्य संख्या को 500 से घटाकर 300 कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि आगामी दो वर्ष में प्रदेश में 4,171 ग्राम पंचायतों के मुख्यालयों पर नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि राज्य में प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक ग्राम सेवा सहकारी समिति कार्यरत हो।श्री आंजना ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट 2022-23 में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए निर्धारित अंशदान को 5 लाख रुपए से कम कर 3 लाख रुपए तथा न्यनूतम सदस्य संख्या को 500 से कम कर 300 करने की घोषणा की थी। विभाग द्वारा इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए।सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 7,133 पैक्स/लैम्पस से जुड़कर लगभग 67 लाख किसान सदस्य रूप में लाभान्वित हो रहे हैं। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन के नियमों में संशोधन करने से हजारों अन्य लघु एवं सीमांत किसान सहकारी संस्थाओं से जुड़ सकेंगे।श्री आंजना ने कहा कि वर्ष 2022-23 में फसली ऋण वितरण का लक्ष्य 20 हजार करोड़ रुपए किया गया है, जो वर्ष 2021-22 में 18 हजार 500 करोड़ रुपए था। 1 अप्रेल, 2022 से नए फसली ऋण वितरण की शुरूआत हो जाएगी। इस वर्ष 5 लाख नए किसानों को भी फसली ऋण वितरण में शामिल किया जाएगा।