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निगम की छह माह बाद भी साधारण सभा नहीं

बीकानेर. नगर निगम की साधारण सभा नहीं होने से आमजन से जुड़े मुद्दों और जन समस्याओं पर सदन में चर्चा नहीं हो पा रही है। निगम की बजट बैठक फरवरी में आहूत होने के बाद अब तक साधारण सभा नहीं हो पाई है। हालांकि निगम पार्षद कई बार साधारण सभा बुलाने और जन समस्याओं पर चर्चा की मांग करते रहे है। निगम के वर्तमान बोर्ड के गठन के अब तक के करीब 21 माह में एक बार भी पार्षदों ने शहर की जनसमस्याओं पर चर्चा नहीं की है। प्रशासन शहरों के संग अभियान गांधी जयंती से शुरू होने है। अभियान में होने वाले कार्यो और आमजन को दी जाने वाली राहत से पहले पार्षद सदन में चर्चा की बात कह रहे है।

तीन बैठके, एक बार भी समस्याओं पर चर्चा नहीं

नगर निगम के वर्तमान बोर्ड के गठन के बाद से अब तक तीन साधारण सभा की बैठके हो चुकी है। इनमें दो बैठके केवल बजट को लेकर हुई है। एक बैठक में निगम कमेटियों सहित अन्य बिन्दु भी प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन बैठक शुरू होते ही शुरू हुए हंगामें के कारण इस बैठक को समाप्त कर दिया गया था। बोर्ड के अब तक के करीब २१ माह के कार्यकाल में निर्वाचित पार्षदों ने एक बार भी सदन में शहर की जन समस्याओं पर चर्चा नहीं की है।

दो माह में बैठक का प्रावधान

नगर निगम की साधारण सभा प्रत्येक दो माह बाद आयोजित करने का प्रावधान है। निगम की पिछली बैठक इसी साल फरवरी में हुई थी। इस बैठक में केवल बजट सदन के पटल पर रखा गया था। पिछली बैठक हुए छह माह का समय हो गया है, लेकिन साधारण सभा की बैठक नहीं हुई है।

न रखे जा रहे प्रस्ताव, न हो रहा निर्णय

निगम साधारण सभा में निगम के विभिन्न अनुभागों की ओर से प्रस्ताव रखे जाते है। इन प्रस्तावों पर सदन में चर्चा होती है। पार्षद चर्चा कर प्रस्तावों पर अपना निर्णय रखते है। लम्बे समय से साधारण सभा नहीं होने से अनुभागों के प्रस्ताव फाइलों में ही पड़े है। करोड़ो के चल रहे निर्माण और विकास कार्यो पर चर्चा सदन में नहीं हो पा रही है।

जल्द हो बैठक, जन समस्याओं पर हो चर्चा

कांग्रेस पार्षद जावेद पडि़हार के अनुसार निगम की साधारण सभा नहीं होना अनुचित है। बैठक आहूत कर जनसमस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। साधारण सभा नहीं होने से आमजन से जुड़े मुद्दों और जनसमस्याओं पर चर्चा नहीं हो पा रही है। कांग्रेस पार्षद कई बार साधारण सभा बुलाने की मांग कर चुके है। महापौर साधारण सभा बुलाने से बच रही है। निगम में बिना सदन में चर्चा हुए मनमर्जी के आदेश निकाले जा रहे है।

पार्षद नन्दलाल जावा के अनुसार जनसमस्याओं पर सदन में चर्चा होना जरुरी है। निगम की ओर से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट व कार्यो पर भी चर्चा सदन में होनी चाहिए। हर पार्षद अपने क्ष्ेात्र की समस्याओं को सदन में रखकर निस्तारण करवाना चाहता है। बैठक नहीं होने से जनसमस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है। पार्षद अनीता शर्मा के अनुसार पार्षद साधारण सभा में कमिया रखने के साथ सुझाव भी रखते है। सभा नहीं होने से निगम की ओर से करवाए जा रहे कार्य व योजनाएं बिना सदन में चर्चा के ही हो रहे है।

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