टैक्स माफ करने व किराए में बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे निजी बस आॅपरेटर
मांगें न माने जाने पर बेमियादी समय के लिए हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। एक साल का टैक्स माफ करने व किराए में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मुख्य मांग को लेकर निजी बस आॅपरेटर गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। इसके चलते गुरुवार को निजी व लोक परिवहन बसें सड़कों पर दौड?े की बजाए बस स्टैंडों में खड़ी रही। हालांकि रोडवेज बसें चलने से यात्रियों को राहत मिली। निजी व लोक परिवहन बसों के चक्काजाम से रोडवेज बसों में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ भी अधिक रही। इसके चलते कोरोना गाइड लाइन की अवहेलना होती नजर आई। सफर करने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे यात्री भी रोडवेज बसों का इंतजार करते नजर आए। उधर, निजी बस आॅपरेटरों ने जंक्शन व टाउन के मुख्य बस स्टैंडों में एकत्रित होकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। टाउन बस स्टैंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे निजी बस आॅपरेटरों की अगुवाई कर रहे प्राइवेट बस आॅपरेटर यूनियन अध्यक्ष पवन कोचर ने बताया कि पूरे राजस्थान में राज्य सरकार के खिलाफ निजी बस आॅपरेटर चक्काजाम-हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते निजी बसों के पहिए थम गए थे। लेकिन सरकार ने निजी बस आॅपरेटरों को राहत देते हुए टैक्स माफ नहीं किया। निजी बस आॅपरेटर पिछले काफी समय से राजस्थान सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनका एक साल का टैक्स माफ किया जाए। क्योंकि पिछले पांच सालों से निजी बस आॅपरेटरों की ओर से किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई है। कोचर ने कहा कि कोरोना काल के चलते आज निजी बस आॅपरेटरों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई है। न तो वे टैक्स भरने की स्थिति में हैं और न ही गाडिय़ों के टायर चढ़ाने की। निजी बस आॅपरेटर अपनी मांग से कई बार राज्य सरकार को लिखित में अवगत करवा चुके हैं। हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। लेकिन अभी तक टैक्स माफी को लेकर सरकार की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसी के विरोध में आज पूरे राजस्थान के निजी बस आॅपरेटरों ने हड़ताल कर निजी बसों का चक्काजाम किया है। पूरे हनुमानगढ़ जिले के निजी बस आॅपरेटर भी हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार की ओर से कोरोना काल का एक साल का टैक्स माफ नहीं किया गया और किराए में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी नहीं की गई तो बेमियादी समय के लिए निजी बसों को बंद करने का कदम आॅपरेटरों की ओर से उठाया जा सकता है। क्योंकि वर्तमान के जो हालात हैं उनमें निजी बस आॅपरेटरों का टैक्स माफ नहीं किया जाता तो उनके पास अपनी बसों को घरों में खड़े करने या बेचने के अलावा कोई चारा नहीं है। इसलिए निजी बस आॅपरेटरों की राज्य सरकार से मांग है कि वह एक साल का टैक्स माफ कर किराए में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी करे। साथ ही निजी बस आॅपरेटरों को आर्थिक मदद की जाए ताकि खराब हुई उनकी आर्थिक स्थिति संभल सके। इस दौरान नितिन कामरा, नरेश कोचर, रजत, गगन, हनुमान वधवा, रिंकू वधवा, रमेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, जस्सासिंह, गुरतेज सिंह, काला मान, गोरासिंह, बलदेव सिंह, गुरदीप सिंह सहित कई अन्य निजी बस आॅपरेशन मौजूद रहे।