परिषद और सीएमआर में हुए समझौते को लागू करने की मांग, विधायक को सौंपा ज्ञापन
by seemasandesh
हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। करीब 11 माह पहले राजस्व सेवा परिषद और सीएमआर में हुए समझौते की पालना न होने से नाराज राजस्व सेवा कर्मियों ने पूर्व घोषणानुसार सोमवार से दोबारा सत्याग्रह आंदोलन का आगाज कर दिया। करीब एक सप्ताह तक राजस्व सेवा कार्मिक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाएंगे। राजस्व सेवा परिषद के सदस्यों ने राज्य सरकार की ओर से विभाग के कार्मिकों से संबंधित पत्रावलियां और प्रशासनिक स्वीकृति पर वित्तीय स्वीकृति दिलाने की मांगों को लेकर विधायक चौधरी विनोद कुमार को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राजस्व मंत्री की ओर से राजस्व सेवा परिषद की जिन पत्रावली और प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उनको शीर्ष नौकरशाही ने एक कोने में पटक रखा है। इसको लेकर प्रदेश भर के राजस्व कर्मचारी और अधिकारी खुद को ठगा महसूस कर रहा है। इससे सभी में असंतोष का माहौल है। इसको लेकर सत्याग्रह आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही कहा कि समझौते पर सात दिन में कार्यवाही नहीं हुई, तो सविनय अवज्ञा पूर्वक पेन डाउन, बेमियादी समय के लिए कार्य बहिष्कार पर जाना होगा। ज्ञापन में पटवारी, आईएलआर, नायब तहसीलदार व तहसीलदार के नवीन पद सृजन के लिए कैडर स्ट्रेंथ का कार्य करने, 1 अप्रेल 2019 को पदोन्नत नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर विशेष छूट प्रदान कर पदोन्नति देने, नायब तहसीलदार जैसे बहुआयामी पद को राजपत्रित अधिसूचित करने, कानूनगो संघ के विभिन्न भत्तों की पत्रावली पर राजस्व विभाग की सहमति तथा राजस्व मंत्री की प्रशासनिक स्वीकृति पर वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने, आरएएस केडर का पुनर्गठन करने, भू अभिलेख निरीक्षक से नायब तहसीलदार की लम्बित डीपीसी वर्ष 2020-21, 2021-22 तथा 2022-23 तुरन्त करवाने, भू-अभिलेख निरीक्षकों की वरिष्ठता संबंधी विचाराधीन वादों को निस्तारण कर प्रभावी कार्यवाही करने आदि की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि मांगों का निस्तारण न होने पर एक सप्ताह बाद सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी, तहसीलदार हरदीप सिंह, उप तहसीलदार हरबंस नैण, नायब तहसीलदार भावना शर्मा, उपाध्यक्ष तरसेम सिंह बराड़, अजय छाबड़ा, कमला कुमारी, दुर्गारानी, दयारानी आदि मौजूद थे।