जयपुर
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन रायशुमारी के दूसरे दिन विधायकों से फीडबैक ले रहे हैं। अजय माकन के फीडबैक के दूसरे दिन भी मंत्रियों के खिलाफ विधायकों ने शिकायतें की हैं। सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने मंत्रियों के बर्ताव और काम नहीं करने पर शिकायतें की हैं। कई विधायकों ने कल की तरह आज भी मंत्रियों को निशाने पर लिया है। विधायकों ने सरकार के खराब पर्सेप्शन को लेकर भी मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराया है।
सचिन पायलट समर्थक परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने कहा कि सरकार बनाने के लिए जिन लोगों ने खून पसीना बहाया, उनको सत्ता में भागीदारी नहीं मिलेगी तो आने वाले समय में और गतिरोध बढ़ेगा। इसका खामियाजा भी पार्टी को भुगतना पड़ेगा। समय पर काम नहीं करने वाले मंत्रियों की भी प्रभारी से शिकायत की है।
आज दिनभर में माकन 20 जिलों के 52 विधायकों से वन टू वन चर्चा कर उनकी राय जान रहे हैं। रायशुमारी के बाद शाम को सभी विधायकों को मुख्यमंत्री की तरफ से सीएम निवास पर डिनर दिया जाएगा। इसमें अजय माकन भी शामिल होंगे। रायशुमारी के बाद गहलोत के डिनर की सियासी हलकों में चर्चाएं हैं, डिनर को रायशुमारी के परिणाम से जोड़कर देखा जा रहा है। अजय माकन की रायशुमारी के दूसरे दिन टोंक का भी नंबर है, लेकिन टोंक से विधायक पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट माकन की रायशुमारी में नहीं आएंगे। पायलट दो दिन से दिल्ली में हैं और माकन के जयपुर आने से पहले करीब घंटे भर तक उनसे चर्चा कर चुके हैं।
प्रशांत बैरवा बोले- नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को हटाएं
प्रशांत बैरवा बोले- नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को हटाएं, युवाओं को मौका देंअजय माकन के फीडबैक कार्यक्रम में निवाई से विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा- मंत्रिमंडल में जल्द होना चाहिए। जो नॉन परफॉर्मर मंत्री हैं, उन्हें हटाकर नए लोगों को मौका मिलना चाहिए। मीडिया से बातचीत में भी प्रशांत बैरवा ने यही बातें दोहराईं। बैरवा ने कहा- पार्टी में सभी नेताओं का अपना महत्व होता है। जो लोग मंत्रिमंडल में अच्छा नहीं कर पा रहे, उन्हें संगठन में मौका दिया जा सकता है। मंत्री ठीक तरीके से काम नहीं कर पाते तो इससे पार्टी की भी किरकिरी होती है। मंत्रिमंडल में युवाओं को भी पूरा मौका मिलना चाहिए। सचिन पायलट की भूमिका आलाकमान तय करेंगे। जो तय होगा, उसी के साथ हमलोग हैं।
महेश जोशी बोले- ईश्वर की तरह हाईकमान की सत्ता सर्वोच्च, उसके लिए सब कार्यकर्ता बराबर
सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा, इस मंथन से अमृत निकलेगा। जिसके मन में जो बात होगी वह करेगा। हाईकमान के सामने बात रखने का सबको हक है। इसे दूसरे तरीके से जोड़कर नहीं देखें। मंत्रिमंडल फेरबदल एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कब क्या होगा, यह सब हाईकमान तय करेगा। इस फीडबैक कार्यक्रम को केवल मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर नहीं देखें। हाईकमान किसी पार्टी का हो उसकी सत्ता सर्वोच्च होती है। ईश्वर के लिए जैसे सब समान हैं वैसे ही हाईकमान के लिए सब कार्यकर्ता बराबर होते हैं। हाईकमान से सब आशान्वित रहते हैं। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता ने हमेशा हाईकमान के आदेशों की पालना की हैं । क्या होगा, क्या हो रहा है की खबरों के बावजूद हम मजबूत हैं ।
विधायकों के निशाने पर मंत्री
रायशुमारी के पहले दिन की तरह आज भी कई विधायक मंत्रियों की शिकायत कर रहे हैं। निशाने पर वे ही मंत्री हैं जो कल थे। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला आज भी कई विधायकों के निशाने पर हैं। मंत्रियों पर विधायकों के काम नहीं करने,ठीक से बर्ताव नहीं करने जैसे आरोप हैं।
पायलट समर्थक विधायकों को निर्दलीय विधायकों से फीडबैक लेने पर आपत्ति
सचिन पायलट समर्थक विधायकों को 13 निर्दलीय विधायकों से फीडबैक लेने पर आपत्ति है। पायलट समर्थक विधायकों ने कल भी प्रभारी माकन को सुझाव दिया था कि जिन सीटों पर कांग्रेस हारी वहां के उम्मीदवारों से भी बुलाकर फीडबैक लिया जाए।
आज इन 20 जिलों के विधायकों से बात
आज 20 जिलों के 52 विधायकों से वन टू वन चर्चा रखी है। अजमेर से शुरुआत हुई। इसके बाद नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा के विधायकों से चर्चा हो चुकी है। लंच ब्रेक के बाद बीकानेर जिले से शुरुआत हुई। इसके बाद चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, जालौर, पाली और सिरोही के विधायकों से वन-टू-वन मुलाकात होगी।