पाली
पाली में पति-पत्नी द्वारा हनीट्रैप के मामले में शनिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी रमेश (24), भावना (24) और दिव्या (27) को 2 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में पति रमेश और पत्नी भावना की प्रेम कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। नारलाई के रहने वाले रमेश चौधरी का भावना के गांव खिंवाड़ा में अक्सर आना-जाना लगा रहता था। अपने एक दोस्त के जरिए रमेश भावना से मिला था।
रमेश भावना के घर के आस-पास चक्कर काटने लगा। धीरे-धीरे दोनों में बात होने लगी। आखिर भावना उसके प्रेमजाल में फंस गई। दोनों अक्सर मिलने लगे। अपने पहले वाले दोस्त को छोड़ करीब डेढ़ साल पहले भावना घर छोड़कर रमेश के साथ भाग गई। भावना के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को पकड़ा। भावना ने पुलिस के सामने भी परिजन के साथ नहीं रहने की इच्छा जताई। पाली के केशव नगर में किराए का मकान लेकर दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। भावना शादी करने की जिद करने लगी, लेकिन रमेश हर बार उसे टाल देता था। 4 माह पूर्व भावना ने साफ शब्दों में कह दिया शादी करो नहीं तो तुम्हें छोड़ दूंगी। इस पर दोनों ने अप्रैल में कोर्ट मैरिज की।
लॉकडाउन में आर्थिक परेशानी आई तो शुरू किया हनी ट्रैप
लॉकडाउन के दौरान रमेश चौधरी का काम मंदा पड़ गया। दो वक्त का खाना खाने और किराया भरने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में दोनों अम्बेडकर नगर निवासी दिव्या के संपर्क में आए। दिव्या भी आर्थिक रूप से परेशान थी। तीनों ने मिलकर गैंग बना ली। रमेश उसके अन्य साथी मालदार व आशिक मिजाज लोगों को खोजते। इसके बाद भावना व दिव्या उन्हें अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसाती और घर तक ले आती।
जैसे ही वे दोनों कमरे में जाते रमेश व उसके साथी कमरे में जाकर पीड़ित से मारपीट करने लग जाते। वीडियो बनाकर उसे वायरल करने एवं पुलिस केस में फंसाने की धमकी देकर रुपए आदि लूट लेते थे। शहर के कई नामचीन लोगों को इस गैंग ने अपने जाल में फंसाया लेकिन लोक लाज के चलते पीड़ित सामने आने से डर रहे हैं।

हनीट्रैप मामले में पकड़ी गई आरोपी दिव्या।
रमेश को फंसाना चाहती थी, खुद भी फंस गई
लोगों को हनीट्रैप के जाल में फंसा कर रमेश-भावना के पास अच्छी खासी रकम जमा हो गई थी। करीब चार-पांच दिन पहले नशे में रमेश चौधरी ने भावना से मारपीट की और डेढ़ लाख रुपए लेकर गांव भाग गया। इधर भावना घर पर अकेली ही थी। रमेश द्वारा मारपीट करने एवं रुपए ले जाने से वह इतना गुस्सा हो गई कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एडवोकेट चेतन चौहान से मिली।
भावना ने एडवोकेट को बताया कि रमेश चौधरी उससे मारपीट करता है। उसके रुपए लेकर चला गया। अपने अन्य लोगों के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है। एडवोकेट महिला सुरक्षा सहायता संगठन के पदाधिकारी के साथ भावना को एसपी के पास ले गए। वे नहीं मिले तो बस स्टैंड चौकी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के पास ले गए। जहां भावना ने अपनी कहानी उन्हें बताई।
इस दौरान रमेश चौधरी के कॉल भावना के मोबाइल पर आने लगे। भावना ने रमेश को नया बस स्टैंड पर बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा, पुलिस ने उसे पकड़ लिया और कोतवाली थाने ले गए। थाने में रमेश व भावना दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। इस दौरान कोतवाल गौतम जैन ने रमेश का मोबाइल लिया। चैक किया तो दंग रह गए। रमेश के मोबाइल में शहर के कई नामचीन लोगों के अश्लील व मारपीट करने के वीडियो थे। पूछताछ की तो रमेश ने सारे राज उगल दिए कि कैसे वह भावना के जरिए पैसे वाले लोगों को दोस्ती के जाल में फंसाकर घर तक बुलवाता। फिर उनके वीडियो बनाकर उन्हें धमका कर लूटता था।
सोशल मीडिया पर दाे अलग-अलग नामों से आईडी
भावना की सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग नाम से आईडी बनी हुई है। फेसबुक पर भावना सोलंकी तो इंस्ट्राग्राम पर उसने पूजा सोलंकी के नाम से आईडी बना रखी है। बताया यह भी जा रहा है कि रमेश से पहले भी भावना खिंवाड़ा में रहते समय दूसरे लड़के के संपर्क में रही थी।
इनके नाम भी आ रहे सामने, पुलिस जुटी तलाश में
मामले में बाबूलाल मेघवाल, गणेश देवासी, मोहम्मद रफीक, स्पा से जुड़ी श्वेता नाम की एक युवती सहित अन्य के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले की जांच महिला अत्याचार निवारण सेल के डीएसपी ओमप्रकाश सोलंकी को सौंपी गई हैं।