नागौर
दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुकी राजस्थान की एकमात्र लेडी डॉन अनुराधा चौधरी रिवाल्वर रानी बन चुकी है। यह नाम उसे गैंगस्टर दोस्त काला जठेड़ी और गैंग के दूसरे साथियों ने दिया। सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर आनंदपाल ने उसे AK-47 चलाना सिखाया और यहीं से वह शॉर्प शूटर बनी। आनंद पाल के एनकाउंटर के बाद जब वह काला जठेड़ी के संपर्क में आई तो उसे ऑटोमैटिक रिवाल्वर पसंद आने लगी तो जठेड़ी उसे रिवाल्वर रानी कहने लगा। इसके बाद यह नाम चर्चा में आ गया।
लेडी डॉन अनुराधा को आईओबी 0.38 रिवॉल्वर सबसे ज्यादा पसंद थी, इसी वजह से जठेड़ी ने उसे रिवाल्वर रानी नाम दिया था। काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी कई दिनों से दिल्ली पुलिस की रडार पर थे। यह दोनों वेश और नाम बदलकर पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इनसे मिले कुछ दस्तावेजों में इनका नाम पूजा और पुनीत सामने आया है। दिल्ली पुलिस भी इन्हें लगातार ट्रेस कर रही थी और आखिर शनिवार को यह सहारनपुर यूपी से पकड़े भी गए। जब टीम ने दोनों को गिरफ्तार किया तो इनके पास से पीएक्स-3 पिस्तौल और अनुराधा की पसंदीदा आईओबी 0.38 रिवाल्वर भी मिली।

लेडी डॉन अनुराधा बेहद शातिर दिमाग है।
गुर्गों से बात करने के लिए खुद के नियम और प्रोटोकॉल
अनुराधा और जठेड़ी दोनों ही बड़े शातिर थे। यह अपने गैंग के सदस्यों पर इतना भरोसा नहीं करते थे। इनसे मिलने से लेकर बात करने तक के इनके खुद के नियम और प्रोटोकॉल बनाए हुए थे। किसी खास गुर्गे के जरिए ही यह तय समय पर बात करते थे। इसके लिए भी ये लाेग ऐसे साफ्टवेयर काम में लेते थे, जिससे इनकी लोकेशन और दूसरी जानकारी पुलिस को न लग सके।

AK-47 की शार्प शूटर लेडी डॉन का रिवॉल्वर से है लगाव
AK-47 की शार्प शूटर लेडी डॉन को ऑटोमेटिक रिवाल्वर से गहरा लगाव है और बड़ी सफाई से वो अपने अचूक निशाना लगाती है। हर समय अपने पास रिवाल्वर रखने वाली लेडी डॉन जब राजस्थान से निकल कर इंटरनेशनल गैंगस्टर के बीच पहुंची और उनकी गैंग लीडर बनी तो उसे रिवाल्वर रानी के रूप में नई पहचान मिली।

लेडी डॉन और रिवॉल्वर रानी अनुराधा चौधरी।
फर्जी पहचान बनाई, पुलिस से बचने के लिए झूठी कहानी भी बनाई
पुलिस से बचने के लिए गैंगस्टर काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा चौधरी फर्जी आईडी बनाकर पति-पत्नी की तरह रहने लगे थे। दोनों ने पुलिस से बचने के लिए अपनी नेपाल भागने की झूठी कहानी भी फैलाई थी। वे थोड़े-थोड़े समय में लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।