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प्रदूषण में घुटने लगा दम, साफ हवा के लिए हिमाचल पहुंच रहे सैलानी

शिमला

दिल्ली सहित उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बढ़ रहे प्रदूषण से तंग आकर लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। राजधानी शिमला सहित मनाली, नारकंडा, कुफरी, चायल, कसौली और धर्मशाला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। दिवाली के बाद पहले ही वीकेंड पर हिल्स क्वीन शिमला में ऑक्यूपेंसी 70 से 80 फीसदी पहुंच गई। पहाड़ों के सुहावने मौसम का लुत्फ लेने के लिए दिल्ली, चंडीगढ, पंजाब और हरियाणा से सबसे ज्यादा टूरिस्ट पहुंच रहे हैं। हरियाणा से शिमला घूमने आए योगराज, अंकुश सेठ और दीपक अरोड़ा ने बताया कि दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने से मैदानी इलाकों में परेशानी बढ़ गई है, पहाड़ों की साफ आबोहवा में कुछ दिन बिताने के लिए शिमला पहुंचे हैं। कालका से शिमला आने वाली सभी ट्रेनें अगले एक हफ्ते के लिए एडवांस बुक चल रही है।

 फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अश्वनी बांबा का कहना है कि दिवाली के बाद पहले वीकेंड पर कसौली, शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा मे टूरिस्ट बढ़े हैं। गुजरात का टूरिस्ट आना शुरू हो गया है, अगले हफ्ते में महाराष्ट्र के सैलानियों की आमद शुरू होने की उम्मीद है। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने बताया कि पिछले हफ्ते के मुकाबले मनाली में सैलानियों की आमद बढ़ी है। रोहतांग में हुई बर्फबारी ने सैलानियों को आकर्षित किया है। आने वाले दिनों के लिए एडवांस बुकिंग भी शुरू हो गई है। शिमला होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने बताया कि वीकेंड पर शिमला में सैलानियों की आमद बढ़ी है। मैदानों में बढ़े प्रदूषण से बचने के लिए टूरिस्ट पहाड़ों पर आ रहे हैं। आगामी विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान क्त्रिस्समस और न्यू ईयर पर होटलों में 100 फ़ीसदी ऑक्यूपेंसी का अनुमान है।

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