नई दिल्ली।
बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि टर्म बीमा अब बुनियादी जरूरतों का हिस्सा बन गया है। इसलिए बढ़ती कीमतों की परवाह किए बिना अपनी आर्थिक जरूरतों और महंगाई दर को ध्यान में रखकर टर्म बीमा लें। इसकी महत्ता तब बढ़ जाती है, जब बीमाधारक की असामयिक मौत के बाद परिवार पर कर्ज और अन्य उधारी चुकाने का बोझ अचानक आ पड़ता है।
ऐसे वित्तीय बोझ से बचने के लिए टर्म बीमा पॉलिसी खरीदते समय अपनी देनदारी, बच्चों की शिक्षा पर खर्च , आपके बाद पत्नी की आय और परिवार की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें। ध्यान देने वाली बात है कि टर्म बीमा हमेशा जरूरतों के अनुसार लेना चाहिए, जिसमें कवर आपकी सालाना आय का 10-20 गुना हो। पिछले साल टर्म बीमा 9.75 फीसदी तक महंगा हो चुका है।