मार्गो पर वाहनों की लंबी कतारें बाजार पूरी तरह से रहे बंद
श्रीगंगानगर । संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज भारत बंद का राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में काफी असर पड़ा। जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ।सड़क यातायात जहां ठप रहा। वहीं आंदोलनकारी किसानों ने रेल पटरी पर भी धरना लगाया, जिससे कई रेलगाड़ियां प्रभावित हुईं।केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग के समर्थन में संयुक्त मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के तहत आज भारत बंद का आह्वान किया गया था।
संयुक्त मोर्चा में शामिल जिले के किसान संगठनों ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस),अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संघर्ष समिति, किसान आर्मी,जय किसान आंदोलन और टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति के पदाधिकारी इस आह्वान को कामयाब करने के लिए सुबह 6-7 बजे ही सड़कों पर निकल आए। जिले से होकर निकलने वाले नेशनल हाईवे 62, सूरतगढ़-अनूपगढ़ स्टेट हाईवे, रायसिंहनगर-अनूपगढ़-घड़साना भारत माला प्रोजेक्ट रोड, श्री गंगानगर हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे, सादुलशहर-संगरिया मेगा हाईवे, सादुलशहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे, सूरतगढ़ पीलीबंगा फोरलेन मार्ग और सूरतगढ़ में नेशनल हाईवे 62 के मानकसर चौराहा आदि मुख्य मार्गों सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अंदरूनी संपर्क मार्गों पर भी धरने लगा दिए गए, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सिर्फ जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को ही आने जाने दिया गया, जिनमें सेना, बीएसएफ अर्धसैनिक बल,एंबुलेंस फायर ब्रिगेड को छूट दी गई। रीट की परीक्षा देकर जा रहे विद्यार्थियों के वाहनों को भी नहीं रोका गया।पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों तक को भी कई जगहों पर रोका गया।
दूसरी तरफ पहले से कोई घोषणा नहीं थी,मगर आज अचानक सुबह श्रीगंगानगर-अबोहर रेलखंड पर हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट कोठा-पक्की रेलवे फाटक पर किसानों ने धरना लगा दिया। सुबह 6 बजे ही यहां किसान धरना देकर बैठ गए, जिससे नई दिल्ली जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को हिंदुमलकोट स्टेशन पर रोक लिया गया।उधर साथ लगते पंजाब के पंचकोसी रेलवे स्टेशन के पास पंजाब के आंदोलनकारी किसान धरने पर बैठ गए। फलस्वरूप सराय रोहिल्ला (नई दिल्ली) से श्रीगंगानगर आ रही एक्सप्रेस रेलगाड़ी भी पंचकोसी रेलवे स्टेशन पर रोक ली गई। रेल पटरी पर धरना दिया जाने पर आरपीएफ, जीआरपी और हिंदूमलकोट थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। समझाइश करने पर भी ग्रामीण नहीं माने।शाम 4 बजे तक रेल पटरी पर धरना चला। नतीजतन श्रीगंगानगर से अबोहर होकर पंजाब को जाने वाली अनेक सवारी रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं अथवा रूट बदल दिए गए। पंजाब की ओर से आज रेलगाड़ियां शाम 4 बजे तक नहीं आईं। यह रेलगाड़ियां जिस रेलवे स्टेशन पर थीं,वहीं रोक दी गईं। वहां यात्रियों के लिए किसान संगठनों द्वारा लंगर पानी की व्यवस्था की गई। बंद और चक्का जाम को देखते हुए राजस्थान रोडवेज ने बसों का आवागमन शाम 4 बजे तक स्थगित किये रखा। निजी बसें भी नहीं चलीं। प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने खुद ही संचालन बंद रखकर इस आह्वान में सहयोग किया।
जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी छोटे बड़े शहरों और कस्बों में बाजार बंद रहे। किसान नेताओं की अगुवाई में टोलियां बाजारों में घूमती रहीं। व्यापारिक संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया। जिससे यह आह्वान सबवे सफर तक सफल रहा। मेडिकल स्टोरों को छूट दी गई। फल सब्जी की दुकानें तक भी आज नहीं खुलीं।जिला मुख्यालय पर किसान नेताओं ने गांधी चौक में कुछ देर के लिए सभा की वहीं पर ही धरना लगाया गया। सिर्फ सूरतगढ़ में एक मोटरसाइकिल वर्कशॉप को बंद करवाने की बात को लेकर बंद समर्थकों और वर्कशॉप संचालक में मामूली झड़प होने का समाचार मिला है। सादुलशहर के समीप मेगा हाईवे पर किसानों के चक्का जाम स्थल पर एक बारात फंस गई। बारातियों की गाड़ियों के आगे दूल्हे की गाड़ी थी। यहां मौजूद किसान नेताओं ने दूल्हे को भी धरना स्थल पर बिठाया। मांगों के समर्थन में दूल्हे सहित बारातियों नारे लगवाए। तत्पश्चात बारात को आगे जाने दिया गया। इसके अलावा कहीं कोई अप्रिय घटना अथवा तनाव की स्थिति नहीं हुई। पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शांतिपूर्वक सब कुछ निपट गया। एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन द्वारा 11 कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। अनेक स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। संयुक्त किसान मोर्चा की जल्दी ही एक बैठक होने जा रही है, जिसमें आंदोलन के आगामी चरण की घोषणा की जाएगी।