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बस में ऐसी भयानक आग, अस्पताल पहुंचे कंकाल:एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे थे लोग, जान बचाने के लिए शीशे तोड़ बाहर निकले, मां-बाप से बिछड़ गए 2 मासूम

श्रीगंगानगर

श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में रविवार देर रात बस और ट्रॉले में हुई भिड़ंत ने कुछ सोचने-समझने का मौका नहीं दिया। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। आपाधापी में किसी को पता ही नहीं चला और 3 लोग जल गए। उनका कंकाल ही अस्पताल पहुंच पाया। रात इतनी हो चुकी थी कि बस की करीब सारी सवारियां नींद में थीं। टक्कर के बाद बस 3-4 पलटी खाई और आग लग गई। अचानक लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। गेट की ओर से ही बस पलटी थी। इसलिए निकलना नामुमकिन था। आग लगातार बढ़ती जा रही थी। कुछ शीशे आग के कारण तो कुछ सवारियों ने तोड़े और जान बचाई। इस हादसे में 2 ऐसे बच्चे मिले हैं, जो अपने मां-बाप से बिछड़ गए हैं। कुछ लोग अब भी अस्पताल में हैं। दोनों मृतकों की शिनाख्त तक नहीं हो पाई है। इस खतरनाक मंजर को देखने वाले यात्री ने आपबीती सुनाई तो रौंगटे खड़े हो जा रहे थे।

इस हादसे में बस पूरी तरह से जल गई।

इस हादसे में बस पूरी तरह से जल गई।

हर तरफ अफरातफरी
गांव बांडा के अजीत कुमार ने बताया कि वे जैसलमेर के लिए रवाना हुए थे। बस रात करीब साढ़े आठ बजे चली। रात का समय होने से ज्यादातर सवारियों ने बस में आते ही अपने स्लीपर में सोने की तैयारी कर ली। कोई मोबाइल देखने में व्यस्त था तो कोई सामान संभाल रहा था। इसी दौरान गांव पांच के पास तेज धमाका हुआ। स्लीपर में बैठी सवारियां मुझ पर आकर गिरीं। सभी चिल्ला रहे थे। इसी दौरान ड्राइवर की सीट की ओर से आग लग गई। अंदर के लोग निकलना चाह रहे थे लेकिन वे निकल नहीं पा रहे थे। आग लगने के बाद गर्मी से शीशे टूटने लगे तो कुछ लोगों ने तोड़ दिए। बड़ी मुश्किल से बाहर निकले। पास से निकल रहे वाहनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

मां-बाप से बिछड़े बच्चे
हादसे में दो ऐसे बच्चे भी सामने आए हैं, जिनके माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं लग पाया है। इनमें एक बच्चा घड़साना में भर्ती है और इसी तरह एक बच्ची अनूपगढ़ में भर्ती है। अनूपगढ़ की बच्ची को जब घड़साना लाया गया तो उसने घड़साना में अपने भाई को पहचान लिया। इनके माता-पिता का कुछ पता नहीं लगा है। बच्चे के पिता की बस में जलने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे में घायल बच्चे।

हादसे में घायल बच्चे।

बस में थी करीब 25 सवारियां
बस में करीब 25 सवारियां थीं। अधिकांश ने निकलने का प्रयास किया, लेकिन दो तीन लोग अंदर रह गए। आसपास खड़े किसी आदमी में हिम्मत नहीं थी कि उन्हें निकाल सके। पुलिस के साथ ही आसपास से टैंकर और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाई गई। आग तो बुझ गई लेकिन बस के पिघले गर्म लोहे में घुस पाना संभव नहीं था। तीन लोगों के जले शव बस में मिले।

अस्पताल में भर्ती महिला।

अस्पताल में भर्ती महिला।

अस्पतालों में मचा कोहराम
हादसे के बाद घड़साना और अनूपगढ़ के अस्पतालों में कोहराम मच गया। जले हुए तीन लोगों की हालत यह थी कि उन्हें पहचान पाना भी संभव नहीं था। घड़साना अस्पताल में 13 लोग इलाज के लिए आए, इन्हें मामूली चोटें होने से प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। अनूपगढ़ अस्पताल में 8 लोगों के पहुंचने की सूचना मिली है। उनमें से भी कई उपचार के बाद घर जा चुके हैं।

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