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बादलों से ढकी देश की सबसे लंबी दीवार:आसमान की ऊंचाई छूते इस किले पर टकराते रहते हैं बादल, ड्रोन कैमरे से पहली बार देखें मानसून में बादल महल का व्यू

भीलवाड़ा

बादलों से घिरा और अरावली की पहाड़ियों के बीच बना यह है कुंभलगढ़ का किला। यहीं पर देश की पहली और एशिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है, जो 36 किलोमीटर लंबी है। मानसून के दौरान इस किले का नजारा अलग ही हो जाता है। बारिश के सीजन में किला और इसकी दीवार बादलों से ढक चुकी है।

मानसून में इस किले का ऐसा नजारा पहली बार ड्रोन कैमरे से दैनिक भास्कर अपने पाठकों के लिए लेकर आया है। बारिश व तेज हवा के बीच ड्रोन उड़ाना काफी मुश्किल था। इस किले की भव्यता मानसून में ओर भी बढ़ जाती है। जब ड्रोन कैमरे को इस किले से भी ऊंचाई पर उड़ाया गया तो यह शानदार नजारा कैमरे में कैद हुआ। चारों तरफ पहाड़ियों व हरियाली से घिरे कुंभलगढ़ के किले की मानसून में सुंदरता निखर गई है।

ड्रोन से लिया गया कुंभलगढ़ का यह फोटो। यह चारों तरफ हरियाली से ढका नजर आ रहा है।

ड्रोन से लिया गया कुंभलगढ़ का यह फोटो। यह चारों तरफ हरियाली से ढका नजर आ रहा है।

मानसून के सीजन में कुंभलगढ़ में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। कुंभलगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अपने दुर्ग की वजह से काफी प्रसिद्ध है। मानसून के सीजन में इसे निहारने के लिए देश भर से पर्यटक यहां आते हैं। हर साल मानसून के दौरान 50 हजार से ज्यादा टूरिस्ट कुंभलगढ़ पहुंचते हैं।

यहां आपस में टकराते हैं बादल, इसलिए बादल महल भी कहते हैं
यहां का मौसम ऐसा है कि मानसून सीजन के दौरान हर समय बादलों का डेरा रहता है। आप जब भी बारिश के दौरान यहां आएंगे तो खुद महसूस करेंगे कि बादल यहां आपस में टकराते हैं। इसलिए इसे बादल महल भी कहते हैं। मर्दाना महल और जनाना महल इस महल के दो भाग हैं, जो आपस में जुड़े हुए हैं।

मानसून सीजन के दौरान कुंभलगढ़ किला ऐसा दिखता है।

मानसून सीजन के दौरान कुंभलगढ़ किला ऐसा दिखता है।

ऐसे पहुंच सकते हैं यहां
कुंभलगढ़ दुर्ग भीलवाड़ा से 139 किलोमीटर है। वहीं उदयपुर से यह 84 किलोमीटर दूर है। दोनों ही जिलों से यहां पर सड़क मार्ग से जा सकते हैं। रास्ते में आपको सुंदर पहाड़ियां और बहते झरनों के सुंदर नजारे दिखेंगे। इसके साथ ही दूर से ही कुंभलगढ़ बादलों की ओट में छुपा हुआ नजर आएगा।

यह किला अरावली पहाड़ी पर है।

यह किला अरावली पहाड़ी पर है।

कुंभलगढ़ किले की विशेषता

  • कुंभलगढ़ का निर्माण मेवाड़ के राणा कुंभा द्वारा 1458 ईस्वी में करवाया गया था। इस किले को आज तक कोई जीत नहीं पाया, इसलिए इसे अजेय किला भी कहते हैं।
  • किले की दीवार करीब 34 किलोमीटर लंबी है, जो देश की पहली और एशिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है।
  • इस दुर्ग के परकोटे में लगभग 360 छोटे बड़े मंदिर बने हुए हैं। विशेष रूप से एकलिंग नाथ का मंदिर प्रसिद्ध है।
  • कुंभलगढ़ किले को वर्ष 2013 में यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कर दिया गया था।
  • कुंभलगढ़ अभयारण्य 578 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इसमें राजसमंद, उदयपुर व पाली जिले का फोरेस्ट एरिया शामिल हैं।

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