बोले किसान प्रतिनिधि- पेयजल के नाम पर बर्बाद नहीं होने देंगे पानी
सीमा सन्देश न्यूज
हनुमानगढ़। रोटेशन पूरा कर ही भाखड़ा की नहरों को बंद करने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीण किसान मजदूर समिति (जीकेएस) का शिष्टमंडल रणजीत सिंह के नेतृत्व में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग और जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा से मिला।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एक खतरे का आभास हो रहा है कि भाखड़ा की जो नहरें आखिर में बंद होंगी उनके दो-तीन दिन मरेंगे। इससे उन किसानों की गेहूं की फसल के दाने का आकार जीरे जितना ही रह जाएगा। इसलिए रोटेशन पूरा कर ही नहरों को बंद किया जाए।
समिति पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर से कहा कि पिछली बार भाखड़ा के हजारों किसान ने जीकेएस के नेतृत्व में आंदोलन किया था। तब लिखित समझौता हुआ था कि इस वर्ष 2023 में किसानों को नरमा की बिजाई समय से करवाने के लिए भाखड़ा में 850 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। लेकिन मुख्य अभियंता ने आईजीएनपी और भाखड़ा को पेयजल देने के कारण अपनी असहमति जताई। समिति के रणजीत सिंह ने पेयजल के नाम पर पानी की बंदरबांट को रोककर समूह में नहरें चलाकर पानी देने की मांग की। उन्होंने जिला कलक्टर को इस समझौते से अवगत करवाया।
इस पर जिला कलक्टर ने जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में जीकेएस के पीलीबंगा ब्लॉक अध्यक्ष गगनदीप सिंह सिद्धू, सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रणदीप सिंह, सादुलशहर ब्लॉक अध्यक्ष रोजपाल सिंह, कुलदीप चहल, भूपेन्द्रसिंह सिद्धू, गुराज सिंह व निशान सिंह सहित अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल थे।