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भारत के पास जेवलिन के 2 ओलिंपिक गोल्ड पहले से:नीरज चोपड़ा के गोल्ड से खुश हैं जेवलिन थ्रो वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर पैराएथलीट देवेंद्र झाझरिया, कहा- अब हर बच्चे के हाथ में होगा भाला

दिल्ली

जेवलिन थ्रो में पैरालिंपिक में दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाले देवेंद्र झाझरिया का मानना है कि नीरज के ऐतिहासिक प्रदर्शन से जेवलिन थ्रो को बढ़ावा मिलेगा। भारत में इस खेल को लेकर लोगों की सोच में भी बदलाव आएगा और लोग अपने बच्चों इसके लिए प्रेरित करेंगे। वह दिन दूर नहीं, जब भारत की हर गली के बच्चों के हाथों में बैट-बॉल की जगह भाला होगा। नीरज के गोल्ड के बाद जेवलिन का फ्यूचर किस तरह बदलेगा, इस पर अपना नजरिया साथा किया। पढ़िए जेवलिन पर डबल गोल्ड मेडलिस्ट का विजन…

झाझरिया ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि चोपड़ा के गोल्ड से मेरे इवेंट में भारत में एक नई जान आ गई है। भारत में भी एथलेटिक्स के इस इवेंट में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जिस तरह जमैका स्प्रिंटर का गढ़ बन गया है, वैसे ही आने वाले समय में भारत जेवलिन थ्रो का गढ़ बनने वाला है।’

‘इस बात का दुख भी है कि दो बार पैरालिंपिक में रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड जीता, पर लोगों को इस इवेंट और मेडल जीतने के बारे में कम ही पता चल पाया। अब खुश हूं कि नीरज के मेडल जीतने से कम से कम हर लोगों की जुबान पर मेरे इवेंट का नाम आ चुका है। लोग जानने लगे हैं कि एथलेटिक्स में भाला फेंक की भी प्रतियोगिता होती है।

देवेंद्र झाझरिया को उनकी उपलब्धि के लिए खेल रत्न और पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

देवेंद्र झाझरिया को उनकी उपलब्धि के लिए खेल रत्न और पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

मुझे सरकार की ओर से हर सम्मान मिला। मुझे खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड, पद्मश्री सभी सम्मान मिले। मेरे मन में केवल इस बात की कसक थी, कि मेरे गेम को पहचान नहीं मिल पाई, पर अब मैं खुश हूं कि नीरज ने वो पहचान दिलाई, जिसे मैं नहीं दिला पाया था।

नीरज की जीत ने मुझे भी पैरालिंपिक गेम्स में तीसरा गोल्ड मेडल जीतने के लिए प्रेरित किया है। मुझे भरोसा है कि इस बार अगर टोक्यो में मैं गोल्ड जीतता हूं तो शायद हमें भी पहचान मिलेगी। मैंने पैरालिंपिक के ट्रायल्स में 65.71 मीटर भाला फेंका है। जो रियो ओलिंपिक में मेरे बनाए रिकॉर्ड से ज्यादा है। हालांकि, यह रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाया, क्योंकि यह ट्रायल इवेंट था। मैं टोक्यो में रिकॉर्ड के साथ अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीतना चाहूंगा।’

देवेंद्र झाझरिया ने रियो ओलिंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ पैरालिंपिक गेम्स में जेवलिन में अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीता।

देवेंद्र झाझरिया ने रियो ओलिंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ पैरालिंपिक गेम्स में जेवलिन में अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीता।

दो गोल्ड, दोनों रिकॉर्ड बनाकर हासिल किए
झाझरिया ने 2004 एथेंस पैरालिंपिक गेम्स में 62.10 मीटर थ्रो कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद 2016 रियो पैरालिंपिक गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीतने के साथ 12 साल पहले अपने ही बनाए रिकॉर्ड को तोड़ा और 63.97 मीटर थ्रो किया।

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