मणिपुर
टोक्यो ओलिंपिक में भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ने रविवार को अपना 27वां जन्मदिन मनाया। चानू ने सोशल मीडिया बर्थडे सेलीब्रेशन की तस्वीरें डाली हैं। इसमें चानू अपने परिवार के साथ जन्मदिन मनाती दिखाई दे रही हैं।
चानू ने लिखा- लंबे समय बाद परिवार के साथ अपना बर्थ डे मनाकर खुशी हो रही है। ये बर्थडे और खास हो गया है, क्योंकि ओलिंपिक मेडल के तौर पर मुझे सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है। मुझे शुभकामनाएं देने के लिए सभी का शुक्रिया।
202 किलोग्राम वजन उठाकर जीती चांदी टोक्यो ओलिंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वेट कैटेगरी में कुल 202 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता है। इस इवेंट में चीन की होउ जिहूई ने 210 किलोग्रम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया की कैंटिका विंडी को ब्रॉन्ज मिला था। मीराबाई 2016 रियो ओलिंपिक में अपने एक भी प्रयास में सही तरीके से वेट नहीं उठा पाई थीं। उनकी हर कोशिश को डिस-क्वालिफाई कर दिया गया था।
मेडल जीतकर मां को किया था याद, कहा था- उन्होंने कई त्याग किए
मेडल जीतने के बाद चानू ने कहा था- मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा है। मैं यह मेडल अपने देश और यहां के करोड़ों लोगों को डेडिकेट करती हूं। उन्होंने लगातार मेरे लिए प्रार्थना की। मैं अपने परिवार वालों को शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मेरी मां ने मेरे इस सफर में काफी साथ दिया। उन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मेरे लिए कई त्याग किए।
मीराबाई टोक्यो ओलिंपिक में दूसरी बार देश का प्रतिनिधित्व किया। अब उनका अगला लक्ष्य पेरिस ओलिंपिक है।
मीरा के ‘डिड नॉट फिनिश’ से चैंपियन बनने की कहानी
2016 रियो ओलिंपिक से ओलिंपिक चैंपियन बनने तक की उनकी कहानी जबरदस्त रही है। 2016 में जब वह भार नहीं उठा पाई थीं, तब उनके नाम के आगे – ‘डिड नॉट फिनिश’ लिखा गया था। किसी प्लेयर का मेडल की रेस में पिछड़ जाना अलग बात है और क्वालिफाई ही नहीं कर पाना दूसरी। डिड नॉट फिनिश के टैग ने मीरा का मनोबल तोड़ दिया था।
2016 ओलिंपिक में उनके इवेंट के वक्त भारत में रात थी। बहुत कम ही लोगों ने वह नजारा देखा होगा, जब वेट उठाते वक्त उनके हाथ अचानक से रुक गए। यही वेट इससे पहले उन्होंने कई बार आसानी से उठाया था। रातों-रात मीराबाई मेडल नहीं जीतने पर बस एक आम एथलीट रह गईं। इस हार से वे डिप्रैशन में गईं और उन्हें साइकेट्रिस्ट का सहारा लेना पड़ा।
इस हार ने उन्हें झकझोर कर रख दिया गया था। एक वक्त तो उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अलविदा कहने का मन बना लिया था। हालांकि, खुद को प्रूव करने के लिए मीरा ने ऐसा नहीं किया। यही लगन उन्हें सफलता तक ले आई। 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड और अब ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता है।
मीराबाई ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया
इस साल (2021) अप्रैल में हुए ताशकंद एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई चानू ने स्नैच में 86 किग्रा का भार उठाने के बाद क्लीन एंड जर्क में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए 119 किलोग्राम का भार उठाया था। वह कुल 205 किग्रा के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं।
इससे पहले क्लीन एंड जर्क में वर्ल्ड रिकॉर्ड 118 किग्रा का था। चानू का 49 किग्रा में इंडिविजुअल बेस्ट परफॉर्मेंस कुल 203 किग्रा (88 किग्रा और 115 किग्रा) का है, जो उन्होंने पिछले साल फरवरी में नेशनल चैंपियनशिप में बनाया था।