नई दिल्ली।
आरबीआई ने अपने निदेशकों के केंद्रीय बोर्ड से कहा है कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। लखनऊ में शुक्रवार को हुई बोर्ड की 592वीं बैठक में क्रिप्टोकरेंसी और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास भी मौजूद थे।
सूत्रों ने बताया कि आरबीआई ने एक प्रजेंटेशन के जरिए बोर्ड को क्रिप्टोकरेंसी के खतरे समझाने का प्रयास किया। उसने कहा कि यह तकनीकी मुद्रा किसी भी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों से लेकर उत्पादकता तक पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होगा। इसकी दो वजहें सामने रखीं, पहली कि यह विदेशों में पैदा की जा रही है और दूसरी कि इसे मापा नहीं जा सकता।