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मलयालम एक्टर सबुमोन अब्दुस्समद ने ट्रांसजेंडर्स के खिलाफ सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया, पूछा- क्या ट्रांसवुमन वाकई महिला है?

2021 में ऑस्कर की रेस में शामिल फिल्म जल्लीकट्टू के एक्टर मुश्किल में पड़ गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्रांसफोबिक डिस्कशन किया है यानी ट्रांसजेंडर्स के खिलाफ ग्रुप में चर्चा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मलयाली एक्टर सबुमोन अब्दुस्समद शुक्रवार रात कोच्चि के क्लब हाउस पर पर ये डिस्कशन रखा। इसमें उनका सवाल था कि क्या ट्रांसवुमन भी वाकई महिला होती हैं?

शिकायत दर्ज कराएगी ट्रांसजेंडर कम्युनिटी
मलयाली बिग बॉस सीजन 1 विनर रह चुके अब्दुस्समद के इस डिस्कशन में करीब 300 लोग मौजूद थे। इनमें कुछ महिलाएं और 15 ट्रांसजेंडर्स भी मौजूद थे। इस दौरान जब अब्दुस्समद ने ट्रांसजेंडर्स के खिलाफ कमेंट किया तो केरल की ट्रांसजेंडर कम्युनिटी नाराज हो गई। जल्द ही उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है।

ट्रांसजेंडर्स ने लगाया नीचा दिखाने का आरोप
ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट शीतल श्याम, जो कि केरल ट्रांसजेंडर्स जस्टिस कमेटी के बोर्ड मेंबर में शामिल हैं, उन्होंने कहा – अब्दुस्समद ने डिस्कशन के दौरान ट्रांसजेंडर्स को नीचा दिखाया। अब्दुस्समद ने कहा कि इन्हें महिलाएं नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इनमें XY क्रोमोजोम्स नहीं होते हैं। एक अन्य व्यक्ति ने डिस्कशन में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, जो कि नहीं किया जाना था।

ट्रांसवुमन ने अब्दुस्समद से ग्रुप का टाइटल चेंज करने के लिए भी कहा, क्योंकि ये उन ट्रांसपर्सन के लिए असंवेदनशील था, जो खुद को महिला दिखाना चाहते हैं। वो लगातार हमें नीचा दिखाते रहे और जब विरोध किया गया तो हमसे ग्रुप छोड़ने के लिए कहा। अब्दुस्समद ने कहा कि उन्होंने ग्रुप बनाया है और वो जो चाहे कर सकते हैं।

सबुमोन ने बनाया दूसरा ग्रुप शिखंडी
श्याम ने आरोप लगाया कि ट्रांस-कम्युनिटी को भड़काने के लिए अब्दुस्समद ने उसी रात लगभग 11 बजे एक और ग्रुप बनाया, जिसका टाइटल था ‘शिखण्डी एन्नु विल्लीकुन्नधु कुट्टम अनो?’ (क्या ट्रांसपर्सन को शिखंडी कहना गलत है?)” जिसे सुनने वालों में 1,000 से अधिक लिसनर्स थे। शिखण्डी एक ऐसा शब्द है जो बताता है कि ट्रांस पर्सन न तो पुरुष हैं और न ही महिला। श्याम ने कहा, “समूह में बोलते हुए, कई लोगों ने यह भी चर्चा करना शुरू कर दिया कि क्या ट्रांस-पर्सन्स को ‘भिन्नलिंगम’ (अन्य लिंग) या ‘मूनमलिंगम’ (तीसरा लिंग) कहा जा सकता है।”

एक्टिविस्ट श्याम ने कहा है – “हम जल्द ही सामाजिक न्याय मंत्री को शिकायत दर्ज करने जा रहे हैं। ट्रांस-पर्सन प्रोटेक्शन एक्ट के समान, हमारे पास एक धारा है जो सोशल मीडिया पर ट्रांस-पर्सन के साथ भेदभाव करने वाले लोगों के लिए दो साल की कैद का प्रावधान करती है। हम पुलिस शिकायत दर्ज करने के बारे में भी सोच रहे हैं।।”

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