महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में उन्हें जोड़ रहे तकनीक के साथ
by seemasandesh
शिल्प एवं माटी कला बोर्ड अध्यक्ष डूंगरराम गेदर ने प्रशिक्षण शिविर का किया अवलोकन नोहर (सीमा सन्देश न्यूज)। शिल्प एवं माटी कला बोर्ड द्वारा निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुसार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में उन्हें तकनीक के साथ जोड़ा जा रहा है। यह बात शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष डूंगरराम गेदर ने नगर पालिका नोहर में बोर्ड द्वारा आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का अवलोकन करने के दौरान कही। उन्होंने इस मौके पर शिविर में महिलाओं द्वारा तैयार किये गये विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत चलित चाक से महिलाओं को मिट्टी के बर्तन, खिलौने सहित सामान बनाने के प्रशिक्षण की सराहना की। इस मौके पर डूंगरराम गेदर ने बताया कि प्रदेश की पहली नगरपालिका में यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उन्नत औजार योजना के तहत यह नवाचार किया गया है। प्रशिक्षित महिलाओं को विद्युत चालित चाक के साथ पांच हजार रूपए कीमत के औजार भी निशुल्क भेंट किए जाएंगे। जिससे महिलाएं मिट्टी का सामान तैयार कर स्वरोजगार अर्जित कर सके। गेदर ने कहा कि तकनीक के साथ परम्पराओं को जोडकÞर आगे बढेंगे तो जीवन जीना आसान रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान निरोगी राजस्थान में भी अहम भूमिका अदा करेगा। काफी वर्ष पहले तक घरों में मिट्टी, कांसे, पीतल, लोहे आदि के बर्तन हुआ करते थे। तब लोग स्वस्थ जीवन जीते थे। लेकिन अब बर्तन एल्यूमिनियम व स्टील के हो गए हैं। जिससे स्वास्थ्य का पाया गड़बड़ा गया है। ऐसे में मिट्टी की ओर लौटेंगे तो शारीरिक स्वास्थ्य भी लौट आएगा। शिल्प कला बोर्ड अध्यक्ष डूंगरराम गेदर ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दूरगामी सोच का परिणाम है कि कर्मचारियों के बुढ़ापे के सहारे उनकी पुरानी पेंशन को बहाल किया। पांच सौ रुपए में गैस सिलेंडर व हर जिले में मेडिकल कॉलेज से प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मोनिका खटोतिया ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर निरंतर जारी रहेगें। उन्होंने बताया कि दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भारी उत्साह देखा गया। पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड अध्यक्ष की ओर से प्रशिक्षण के लिए नोहर का चयन करने पर आभार जताया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष द्वारा प्रशिक्षण शिविर मिट्टी से तैयार की गई श्री गणेश की प्रतिमा डूंगरराम गेदर को भेंट की। इस मौके पर नियामत अली, शरीफ मोहम्मद, रामकुमार सैनी, ओम खटोतिया, प्रदीप पुरोहित, सादक अली, प्रदीप सेवग, भादर राव, राधेश्याम जोईया, शेरसिंह, घीसाराम नायक, गुरतेज सिंह आदि मौजूद रहे।