जोधपुर
जालोर जिले में रहने वाले युवक-युवती के बीच सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती ऐसी परवान चढ़ी कि दोनों ने घर से भाग कर शादी कर ली। दोनों पहले कभी नहीं मिले थे और सीधे जाकर शादी कर ली। इसके बाद पति की तरफ से कोर्ट में एक याचिका लगाई गई। जिसमें पत्नी को उसके परिवार से छुड़ाने की मांग की गई। इसकी सुनवाई के दौरान 27 जुलाई को युवती हाईकोर्ट में पेश की गई। यहां उसने अपने पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद कोर्ट ने उसे अपने माता-पिता के साथ जाने की अनुमति प्रदान कर दी।
सायला निवासी जीतराम माली अपनी पत्नी को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (पत्नी को छुड़वाने के लिए) याचिका दायर की। उसकी याचिका पर हाईकोर्ट ने युवती को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। न्यायाधीश संदीप मेहता व मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार को पुलिस ने युवती को पेश किया। उसने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। उसका कहना था कि सोशल मीडिया पर हुई जान पहचान प्यार में बदल गई। युवक से पहले मिले बगैर उसने उसके साथ जाकर शादी कर ली। साथ रहने पर अहसास हुआ कि दोनों का साथ निभा पाना मुश्किल है। ऐसे में उसने अब अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। खंडपीठ ने युवती को उसकी इच्छानुसार माता-पिता के साथ रहने की अनुमति प्रदान कर दी।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि जालोर जिले के सायला से फरार एक युगल ने 10 जुलाई को प्रेम विवाह किया। यह जोड़ा 22 जुलाई को अपने घरवालों के डर से सुरक्षा के लिए संरक्षण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी लगाने जा रहे थे। तब बीच रास्ते में ही कोर्ट के सामने युवती के घरवालों ने युगल को रोका और उसे अपने साथ ले गए। युवक ने कुड़ी थाने में केस दर्ज कराया। बताया जाता है कि युवती के घरवालों ने युवक के खिलाफ सायला थाने में उसके अपहरण का केस भी दर्ज करवाया था।
जालोर जिले के सायला थानान्तर्गत बिराना के रहने वाले जीताराम माली की तरफ से यह रिपोर्ट दी गई। इसमें बताया कि उसने एक युवती से कोर्ट में 10 जुलाई को प्रेम विवाह किया था। अब घरवालों के डर से वे सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट जा रहे थे। तब बीच रास्ते में लड़की के पिता और भाई ने रास्ता रोक लिया। जिसके बाद मारपीट करते हुए उसकी पत्नी को अपने साथ अपहरण कर ले गए।