लखनऊ
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश की 86 सुरक्षित सीटों पर दलितों ब्राह्मणों के साथ-साथ अब जाट और मुस्लिमों को जोड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने इनसे संबंधित पदाधिकारियों की बैठक की और मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि बसपा हमेशा जाटों मुस्लिमों के लिए सम्मान और तरक्की पर काम करती रही है। प्रदेश कार्यालय में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने ओबीसी, दलित वर्ग के लोगों के लिए सरकारी नौकरी में सुविधाएं व शिक्षा की व्यवस्था की, लेकिन अब केंद्र व राज्यों की जातिवादी सरकारें नए नियम कानून बनाकर इन्हें प्रभावहीन करने का प्रयास कर रही हैं। दलितों व आदिवासियों पर जुल्म हो रहा है।
उन्होंने ओबीसी की भी जातिगत गणना कराने की मांग की। कहा कि यूपी में भाजपा सरकार में खासतौर से धार्मिक अल्पसंख्यकों यानी मुस्लिम दुखी नजर आते हैं। उनकी तरक्की रोकी जा रही है फर्जी मुकदमे लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है । नए कानूनों से दहशत फैलाई जा रही है । इसमें बीजेपी का सौतेलापन साफ झलकता है।