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कृषि कानून वापसी के बाद MSP कानून पर बातचीत के लिए तैयार सरकार, संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे नाम

नई दिल्ली तीन कृषि कानूनों की वापसी के बावजूद किसान संगठनों के अड़ियल रुख अपनाए रखने के बाद सरकार MSP कानून को लेकर भी बातचीत के लिए तैयार हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) को इस मुद्दे पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए किसान मोर्चे को अपने 5 नेताओं के नाम देने के लिए कहा गया है, जो बातचीत के दौरान बैठक में मौजूद रहेंगे।

सरकार के इस प्रस्ताव के बाद सोनीपत-कुंडली बॉर्डर पर 32 किसान संगठनों ने अपनी बैठक की है। बैठक के बाद किसान नेता सतनाम सिंह ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगे मान ली हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब 4 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन वापसी की घोषणा कर सकता है।

उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने सभी राज्यों को किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का निर्देश दिया है। हरियाणा के किसान नेताओं ने मुकदमाों की वापसी के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ बैठक करने की घोषणा भी कर दी है।

दरअसल पिछले एक साल से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सभी सीमाएं घेरकर बैठे किसान संगठन केवल कृषि कानून वापसी से सहमत नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यदि सरकार उनकी आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती है तो MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम दाम पर फसल नहीं बिकने के लिए भी कानून लागू करे।

किसान संगठन MSP कानून बनने तक धरना जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। सरकार इसमें बीच का रास्ता तलाशना चाहती है और इसी कारण उसने बातचीत का ऑफर दिया है।

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