चंडीगढ़
डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम ने रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को एडमिट कर लिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने राम रहीम पर लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है
19 साल बाद सुनाया गया था फैसला
बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड में अक्तूबर में 19 साल बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सहित पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। डेरामुखी सीबीआई की विशेष अदालत में रोहतक की सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ था। इसके अलावा दोषी कृष्ण कुमार, अवतार सिंह, जसवीर सिंह और सबदिल कोर्ट प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए थे।
अलग-अलग चलेंगी सभी सजाएं
सीबीआई के वरिष्ठ वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि गुरमीत राम रहीम की सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी। पहले उसे साध्वी यौन शोषण मामले में मिली 20 साल की सजा काटनी होगी। इसके बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या में कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। अगर किसी कारणवश राज्य सरकार डेरामुखी की छत्रपति हत्याकांड में मिली उम्रकैद की सजा को माफ करवाती है तो रणजीत सिंह हत्याकांड की सजा शुरू हो जाएगी। एचपीएस वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरामुखी को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में फांसी की सजा देने की मांग की थी। ताकि, भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।