Saturday, May 9निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

राजस्थान में प्राइवेट बसों का चक्काजाम:जयपुर में ट्रांसपोर्ट ऑफिस के बाहर धरना, कहा- देश में डीजल पर सबसे ज्यादा वैट प्रदेश में, एक साल का व्हीकल टैक्स माफ करने की मांग

जयपुर

डीजल पर लग रहे वैट और मोटर वाहन कर को कम करने की मांग को लेकर आज राजस्थान बस ऑपरेटर्स यूनियन सड़क पर उतरी। अधिकांश बस ऑपरेटरों ने अपनी बसों का संचालन बंद रखा। यूनियन से जुड़े लोगों ने जयपुर के जगतपुरा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया, फिर धरने पर बैठ गए। इसके बाद ये लोग झालाना स्थित जिला परिवहन कार्यालय और उसके बाद सहकार मार्ग पर स्टेट ट्रांसपोर्ट ऑफिस पहुंचे। आंदोलनकारियों ने जिला परिवहन अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट को पत्र सौंपा। बस ऑपरेटर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि दो दर्जन से अधिक एसोसिएशन ने बंद का समर्थन दिया है। आज जयपुर ही नहीं, पूरे राज्य में हर जिले और कस्बे में बसों का चक्काजाम है।

सबसे ज्यादा वैट राजस्थान में

बस ऑपरेटर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में डीजल पर वैट रेट 28% है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। पंजाब में 16% और आसपास के राज्यों में राजस्थान से कम दर है। राजस्थान में बस ऑपरेटर्स पिछले काफी समय से कोविड के चलते परेशान हैं। बसें खड़ी हैं। उसके बाद भी सरकार मोटर वाहन कर लगातार वसूल रही है। ऐसे समय में जब बसों का संचालन बंद पड़ा है और सवारियां नहीं मिल रहीं सरकार को निजी बस ऑपरेटरों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि डीजल पर वैट की दरें कम की जाएं और एक साल का मोटर वाहन टैक्स माफ किया जाए।

परिवहन मुख्यालय के बाहर डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट को मांग पत्र सौंपते हुए।

परिवहन मुख्यालय के बाहर डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट को मांग पत्र सौंपते हुए।

30 हजार बसें होती है पूरे प्रदेश में संचालित

राठौड़ ने बताया कि पूरे राजस्थान में प्राइवेट ऑपरेटर हर रोज 30 हजार बसों का संचालन करते हैं। ये बसें इंटरस्टेट और इंटर डिस्ट्रिक्ट सर्विस देती हैं। यातायात पुलिस और आरटीओ आए दिन कॉमर्शियल वाहनों के हजारों रुपए के चालान काट रहे हैं। इस विकट परिस्थितियों में भी टैक्स, महंगा डीजल की मार झेल रहे वाहन चालकों को अब चालान काटकर परेशान किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *