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राजस्थान में बच्चों को करना होगा ब्रिज कोर्स:1 से 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए बनाई गई वर्कबुक; प्रमोट हुए बच्चे पिछली 2 क्लास की पढ़ाई करेंगे

बीकानेर

कोरोना के कारण पिछले 2 साल में बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। पढ़ाई के इस गैप को कवर करने के लिए राजस्थान शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगली क्लास में प्रमोट हुए स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान कम करने का प्रयास है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पहली बार ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें पिछली क्लास की पढ़ाई कराई जाएगी।

ब्रिज कोर्स में वो टॉपिक कवर किए जाएंगे, जो बच्चों को पढ़ना जरूरी है। शिक्षा विभाग ने तीन महीने का वर्क प्लान भी तैयार कर लिया है। ब्रिज कोर्स के लिए वर्क बुक प्रकाशित की जाएगी। वर्क बुक सभी सरकारी स्कूलों को उपलब्ध कराई जा रही है।

स्टूडेंट्स को ब्रिज कोर्स करना जरूरी
पहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। इसके लिए क्लास 3 से 8 तक के लिए अंग्रेजी, हिन्दी और गणित की वर्क बुक तैयार की गई है। क्लास एक और दो के लिए ए ग्रेड वर्क बुक तैयार की गई है। वर्क बुक में पिछली क्लास की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री है। वर्तमान क्लास के साथ ही पिछली 2 क्लास की पढ़ाई के लिए वर्क बुक उपयोग में ली जाएगी। हर सप्ताह रेगुलर क्लास की बुक्स के साथ वर्क बुक की पढ़ाई के लिए भी क्लासेस तय कर दी गई है।

ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स स्कूल आएं
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को स्कूल में बुलाया जाए। 1 अक्टूबर तक क्लास 9 से 12 के स्टूडेंट्स को 22 दिन पढ़ाया जाएगा। क्लास छह से आठ तक के स्टूडेंट्स को पांच अक्टूबर तक 13 दिन पढ़ाना होगा। इसके अलावा क्लास एक से पांच तक के स्टूडेंट्स को भी 10 अक्टूबर तक 11 दिन की पढ़ाई करवानी होगी।

वर्क बुक वितरण 27 से पहले
राज्य के सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो 27 सितंबर तक हर हाल में स्कूल तक वर्क बुक पहुंचा दें। इस काम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वर्क बुक का वितरण कार्यक्रम भी जारी किया गया है। सात दिन के अंदर वर्क बुक वितरण हो जाएगा। एक अक्टूबर से वर्क बुक में काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए स्टूडेंट्स को तीन दिन स्कूल में और तीन दिन घर पर होमवर्क के रूप में काम करना होगा।

क्या लाभ होगा वर्क बुक से
पिछले साल पहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को बिना पढ़ाए ही पास किया गया। राज्य में पचास फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं की। अब स्कूल शुरू हो रहे हैं तो शिक्षा विभाग वर्तमान क्लास के साथ पिछली क्लास की पढ़ाई करवाना चाहता हैं। इसीलिए वर्क बुक को स्थान दिया गया है। ताकि पढ़ाई का गैप पूरा हो सके।

अभी हिन्दी मीडियम, कुछ दिन में इंग्लिश भी
ये वर्कबुक फिलहाल हिन्दी मीडियम को ही उपलब्ध हो सकेगी, जबकि राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए वर्क बुक तैयार हो रही है। अगले कुछ दिनों में अंग्रेजी माध्यम की वर्क बुक पहुंच जाएगी।

हर स्कूल तक वर्क बुक पहुंचेगी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि बच्चों की खराब हुई पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए हर संभव प्रयास हो रहा है। करीब 48 लाख बच्चों को वर्क बुक दे रहे हैं जो पिछली दो क्लास की पढाई का रिविजन करवायेगा। उदाहरण के रूप में तीसरी क्लास के स्टूडेंट्स को पहली व दूसरी क्लास की पढ़ाई करवाई जायेगी।

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