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राजस्थान में ‘संगीत सियासत’:जाति विशेष की राजनीति के आरोपों का जवाब, मीणा समाज की महिलाओं ने मीणावाटी के गीत रसिया गाकर किया पायलट का अभिनंदन

जयपुर

कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान के बीच दोनों खेमे अब मैसेज की राजनीति पर उतर गए हैं। कांग्रेस की सियासत में अब फोक म्यूजिक की भी एंट्री हो गई है। सचिन पायलट के बंगले पर शनिवार को मीणा समाज की महिलाओं ने मीणावाटी के गीत रसिया गाकर उनका स्वागत किया।

पूर्वी राजस्थान के जिलों से मीणा समाज की महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने सचिन पायलट से मुलाकात की। इसके बाद काफी देर तक मीणावाटी के स्थानीय गीत रसिया गूंजते रहे। बदले में पायलट ने भी उन्हें मिठाई खिलाई, महिलाओं से चर्चा भी की। सचिन पायलट के बंगले पर हुई इस संगीत सियासत की खूब चर्चा है। सियासी हलकों में इसे कांग्रेस के ताजा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

लगे थे जाति विशेष की राजनीति के आरोप
पिछले दिनों गहलोत समर्थक निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा ने सचिन पायलट को बा​हरी बताते हुए उन पर जाति विशेष की राजनीति के आरोप लगाए थे। उन आरोपों के बाद पायलट समर्थक मीणा विधायकों ने कड़ी प्रति​क्रिया जताई थी। इस बीच, मीणा समाज की महिलाओं का पायलट से मिलकर मीणावाटी गीतों के जरिए अभिनंदन करने को उन आरोपोंं का जवाब देने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

पूर्वी राजस्थान से 41 साल से जीवंत संपर्क
पायलट परिवार का पूर्वी राजस्थान से पिछले 41 साल से लगातार जीवंत संपर्क रहा है। यहां बड़ा समर्थक वर्ग है। सबसे पहले 1980 में सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट ने भरतपुर से सांसद का चुनाव लड़ा था। तब से यह संपर्क है। भरतपुर के बाद दौसा से राजेश पायलट लगातार चुनाव जीते। राजेश पायलट के सड़क दुर्घटना में निधन के बाद रमा पायलट और फिर सचिन पायलट दौसा से सांसद रहे। पूर्वी राजस्थान से अब भी पायलट परिवार का जीवंत संपर्क है।

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