सादुलशहर
कस्बे के वार्ड दस के एक परिवार में सरकारी स्कूल में बांटी राशन किट से बना भोजन खाने के बाद दो बच्चे बीमार हो गए। करीब बाईस दिन पहले बंटी इस किट से बच्चों के बीमार होने के बाद परिवार के मुखिया रामस्वरूप ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को की। इस पर बुधवार को स्कूल पहुंचे शिक्षा विभाग और रसद विभाग के अधिकारियों ने स्कूल में उपलब्ध सामान की जांच की तो इनमें कई बदबूदार मिले, वहीं कुछ में कंकड़, पत्थर और मिट्टी की मिलावट पाई गई।
यह था मामला
वार्ड 10 के रामस्वरूप के पुत्र और पुत्री कस्बे के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें 22 दिन पहले स्कूल बुलाकर राशन किट दी थी। इसमें मूंग दाल, मिर्च, हल्दी, जीरा व नमक इत्यादि दिए थे। पांच दिन पूर्व जब किट खोलकर भोजन पकाया तो दाल में कंकड़, गोबर और पत्थर मिले। इसकी शिकायत 181 नंबर पर करने के बाद राशन साफ कर पकाया तो इसे खाने से दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें कस्बे के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
शिकायत पहुंचे अधिकारी
रामस्वरूप की शिकायत पर बुधवार को रसद विभाग के विजेंद्र कुमार, सीबीईओ सुनील चौधरी और आरपी देवकरण सिला ने जांच की। मौके पर दाल में कंकड़ , सीमेंट और नमक में पत्थर के कण मिले। पूर्व पार्षद जसपाल सिंह बताया कि मिर्च का रंग खराब था और इसमें बदबू आ रही थी। रसद विभाग के विजेंद्र कुमार ने बताया कि किट में कंकड़ पत्थर आदि के बारे में अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
सीबीईओ सुनील चौधरी ने बताया गांव बुधरवाली और कलवासिया में भी एक-एक स्कूल में इस तरह की शिकायत मिली है। इनकी भी जांच की जाएगी। स्कूल में खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच की जानकारी मिलने पर प्रिंसिपल सुगंधा रानी, पार्षद मनीष शर्मा आदि भी मौके पर पहुंचे।
शिक्षा विभाग बांट रहा राशन किट
सरकारी स्कूल में पढऩे वाले स्टूडेंट्स को लॉकडाउन के कारण लंबे समय से पोषाहार नहीं दिया गया है। ऐसे में राज्य सरकार ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर ब्लॉक के 233 स्कूलों में पढऩे वाले स्टूडेंट्स के लिए 24 मई से घर-घर राशन किट पहुंचाना शुरू किया। राशन किट में कंकड़, पत्थर गोबर आदि मिलने की शिकायतें इन दिनों इलाके में मिल रही है।