जयपुर
REET लेवल-2 की परीक्षा मिली जुली रही। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र को आसान बताया। कुछ ने कहा कि मनोविज्ञान बाल शास्त्र के कुछ प्रश्न घुमा-फिराकर पूछे गए थे। कुछ को गणित में 2-4 प्रश्नों में उलझन हुई। कुल मिलाकर पेपर सरल और आसान रहा। जिसने तैयारी करके पेपर दिया है, उसका सलेक्शन होने की पूरी उम्मीद है। दूसरी ओर, 115-125 के बीच कट ऑफ रहने की उम्मीद विशेषज्ञों ने जताई है।
डेढ़ से दो लाख परीक्षार्थियों में मुकाबला
गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज सीकर के असिस्टेट प्रोफेसर राजीव बगड़िया ने विस्तार से चर्चा की। REET लेवल- 2 प्रश्न पत्र का एनालिसिस करने के बाद बताया कि पहला खण्ड मनोविज्ञान, दूसरा और तीसरा खण्ड भाषा का था। 90 में से 75 प्रश्नों के आसपास सलेक्शन की दौड़ में शामिल स्टूडेंट सही जवाब तक पहुंच जाएंगे। चौथा खण्ड साइंस, मैथ्स और एसएसटी का था। इसमें लगभग 60 में से 40-45 प्रश्नों को स्टूडेंट हल कर पाएंगे। ऐसा मोटे तौर पर अनुमान है। कुल मिलाकर 150 प्रश्नों के इस पेपर में जो 115-125 उत्तर सही दे देगा, उसका सलेक्शन हो सकता है। मुख्य रूप से कॉम्पिटीशन डेढ़ से 2 लाख बच्चों में होगा।
अभ्यर्थी बोले- 120 से ऊपर जा सकता है कट ऑफ
परीक्षा देने वाले ज्यादातर अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि 150 में से 120 से 130 सवालों के सही जवाब देने वालों को सफलता मिल सकती है। पेपर आसान होने की वजह से कट ऑफ भी हाई रहेगा। लेवल-2 की परीक्षा खत्म होने के बाद कई कैंडिडेट ग्रुप में पेपर का फिर से सॉल्यूशन ढूंढते और आपस में डिस्कशन करते नजर आए।

अलग-अलग सेंटर्स पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने पेपर के बारे में बताया। तालिब (बाएं) और सरिता (दाएं)
जयपुर के दुर्गापुरा सेंटर पर चूरू के रतनगढ़ से परीक्षा देने आए महिपाल बीनसर ने कहा- पेपर बहुत अच्छा हुआ। साइकोलॉजी, हिन्दी, संस्कृत समेत चारों पार्ट आसान रहे। इसकी कट ऑफ 120 नम्बर से ऊपर जाएगी। 80 फीसदी से ज्यादा परसेंटेज रहने की उम्मीद है।
भरतपुर के कामां से परीक्षा देने जयपुर आए तालिब ने कहा- पेपर ओवरऑल अच्छा रहा। साइकोलॉजी आसान थी। लैंग्वेज थोड़ी टफ थी। एसएसटी बैलेंस्ड था। मैंने पहली भाषा इंग्लिश और दूसरी उर्दू ली थी। उर्दू का पेपर भी सही था। उसमें 30 में से 20 से 25 प्रश्न आते थे। ओवर ऑल एग्जाम की कटऑफ 120 के आसपास रह सकती है।
जयपुर की ही सरिता जांगिड़ ने बताया साइकोलॉजी और साइंस-मैथ्स के 3-4 सवाल में थोड़ा सा कन्फ्यूजन था। बाकी हिन्दी और संस्कृत के पेपर बहुत अच्छे थे। पेपर आसान था।

परीक्षा केन्द्र से बाहर निकलते कैंडिडेट्स।
धौलपुर से आए दीनदयाल ने काफी स्टूडेंट्स के साथ पेपर का एनालिसिस किया। बताया कि वो खुद लेवल-1 के पेपर में बैठेंगे। उनके भाई ने लेवल-2 का पेपर दिया है। उसके पेपर को उन्होंने देखा है। उसमें साइकोलॉजी के बहुत सिम्पल सवाल थे।
यूपी के झांसी से जयपुर में गांधी नगर स्कूल सेंटर पर परीक्षा देने आए कैंडिडेट ने बताया कि पेपर अच्छा था। इसमें मॉड्यूरेट प्रश्न थे। गणित के दो-चार प्रश्न कठिन थे। बाकी पेपर और इसका लेवल अच्छा था। गांधीनगर स्कूल जयपुर में ही परीक्षा देकर आईं शशिकांता ने बताया कि कुछ सवाल घुमाकर दिए हैं। बाकी पेपर ठीक था।
बीकानेर के राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय एग्जाम सेंटर से परीक्षा देकर बाहर आईं कैंडिडेट्स ने बताया कि जिसने भी पढ़ाई की है, उसके लिए पेपर आसान था। हिस्ट्री को लेकर सोचा भी नहीं था कि पेपर इतना आसान आएगा।
एक दूसरी महिला कैंडिडेट ने बताया कि एसएसटी के पेपर में राजस्थान की ज्योग्राफी से जुड़े प्रश्न ज्यादा थे। हिन्दी और संस्कृत का पेपर भी आसान था।