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शिक्षा के क्षेत्र में अविश्वसनीय काम के लिए सम्मान:आशीष कौल को इंडियन अचीवर्स फोरम ने ‘मैन ऑफ एक्सीलेंस’ अवॉर्ड से सम्मानित किया

नई दिल्ली

इंडियन अचीवर्स फोरम ने प्रतिष्ठित मीडिया दिग्गज आशीष कौल को ‘मैन ऑफ एक्सीलेंस 2021’ घोषित किया है। आशीष कौल को यह पुरस्कार मुख्य रूप से शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान और जम्मू-कश्मीर की गौरवशाली महिलाओं की खोई हुई विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए दिया गया है। ‘स्त्रीदेश’ फिल्म अविभाजित जम्मू और कश्मीर के 5000 साल से अधिक पुराने इतिहास से जुड़ी उन भूली-बिसरी प्रसिद्ध व सशक्त महिलाओं की कहानियों का अनमोल संग्रह है, जिसे एक शोधपरक फिल्म और मोनोग्राफ के जरिए प्रस्तुत किया गया है।

महिला दिवस पर रिलीज हुई थी फिल्म
इस साल की शुरुआत में ही स्त्रीदेश फिल्म को महिला दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कला केंद्र (IGNCA – संस्कृति मंत्रालय) द्वारा रिलीज किया गया था। स्त्रीदेश जैसे इस बड़े प्रोजेक्ट को संस्कृति मंत्रालय और IGNCA द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसे आशीष कौल द्वारा निर्मित और निर्देशित किया गया है। भारत सरकार के लिए डॉ. सच्चिदानंद जोशी द्वारा निर्मित और प्रस्तुत स्त्रीदेश के जरिए आशीष कौल ने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को विश्वपटल पर रखा है।

आतंकवाद को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं महिलाएं
बीते सालों में ये गौरवशाली महिलाएं समय के साथ कहीं खो गईं थीं और दु:खद पहलू यह भी है कि इससे पहले जम्मू कश्मीर की सरकारें इन्हें दुनिया के सामने लाने में पूरी तरह से विफल रहीं। जम्मू और कश्मीर की महिलाएं वहां की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं और किसी भी अन्य राज्य के विपरीत ये काफी पढ़ी-लिखी और दृढ़ संकल्प से भरी हुई हैं।

उस पर दु:खद पहलू यह भी है कि राज्य सरकार ने कभी भी इन महिलाओं के साथ उस अद्वितीय इतिहास को लेकर संवाद करने की कोशिश नहीं की जो यहां के आतंकवाद को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। आशीष कौल के अनुसार, जब कभी भी कश्मीर की बात आती है तो वह सिर्फ पुरुषों पर ही केंद्रित होती है और सिर्फ उन्हीं से ही बातचीत होती है। लेकिन अब समय आ गया है कि राज्य की शांति और समृद्धि की बहाली के लिए महिलाओं को केंद्र में रखकर आगे कदम बढ़ाया जाए।

कश्मीर, जम्मू, पुंछ और राजौरी में हुई शूटिंग
स्त्रीदेश फिल्म की शूटिंग कश्मीर, जम्मू, पुंछ और राजौरी के ऐतिहासिक स्थानों पर हुई है। यह पहली बार है जब फिल्म की इन स्थानों की शूटिंग की गई है। आशीष कौल ने फिल्म का निर्माण, प्रबंधन और निर्देशन को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया है। स्त्रीदेश 5 ईसा पूर्व से लेकर 11वीं शताब्दी तक की 13 महिलाओं के जीवन और समय का पहला शोध आधारित ऐतिहासिक दस्तावेज है या फिर कहें कि 5000 साल से अधिक पुराने जम्मू और कश्मीर के इतिहास को संजोकर दुनिया के सामने लाने का एक कठिन प्रयास है।

‘दिद्दा द वॉरियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ पर बनेगी फिल्म
अविभाजित कश्मीर की रानी दिद्दा के जीवन और उसके काल पर आधारित पहली बायोपिक भी इसी स्त्रीदेश के प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा थी। आशीष कौल द्वारा लिखी गई रानी दिद्दा की अविश्वसनीय कहानी को बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के हाथों द्वारा रिलीज किया गया था, जिसका प्रकाशन भारत के सबसे बड़े पब्लिशर रूपा प्रकाशन ने किया है।

‘दिद्दा द वॉरियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ को एक फिल्म के जरिए लोगों के सामने लाने का निर्णय लिया गया है, जिसका निर्माण कुछ ही महीनों में शुरू हो जाएगा। इसकी कॉस्ट और क्रू को अंतिम रूप दिया जा रहा है और फिल्म की शूटिंग कश्मीर घाटी के उन स्थानों पर की जाएगी, जहां इससे पहले कभी नहीं की गई।

आशीष कौल कहते हैं कि, ‘रानी दिद्दा कश्मीर की महिलाओं की सबसे बड़ी अंबेस्डर हैं। जिससे जुड़ी किताब का पहला संस्करण महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा 2020 में और फिर उसके बाद उसके हिंदी संस्करण को 2021 में लांच करने के बाद दुनिया उसकी कहानी को पढ़कर हैरान है। दरअसल, दिद्दा इतिहास की वो पहली महिला थीं, जिसने सती प्रथा के खिलाफ विद्रोह किया, दुनिया की पहली पैरा एथलीट बनीं। उन्होंने दुनिया की पहली कमांडो फोर्स और काउंटर इंटेलिजेंस नेटवर्क बनाया।

जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के गुमनाम गौरव को समर्पित किया पुरस्कार
आशीष कौल कहते हैं कि, ‘ संक्षेप में कहें तो कश्मीर की यह महिला भारत की महान महिलाओं की प्रतीक थीं, जिससे जुड़ी इस अविश्वसनीय कहानी को फिर से खोज निकालने और प्रस्तुत करने के लिए अफगानिस्तान, मध्य एशिया और अविभाजित कश्मीर में 6 साल बिताने का यह मेरा सबसे बड़ा सम्मान है। उनका कहना है कि इंडियन अचीवर्स फोरम और वे इस पुरस्कार को जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के गुमनाम गौरव को समर्पित करते हैं।

कई किताबें लिख चुके हैं आशीष कौल
आशीष कौल एक बिजनेस लीडर हैं और उन्हें मीडिया, मनोरंजन और एफएमसीजी क्षेत्रों में काम करने का 26 साल का अनुभव है। आशीष कश्मीर पर कई किताबों के बेस्टसेलिंग लेखक भी हैं, जैसे ‘रिफ्यूजी कैंप’, ‘दिद्दा द वॉरियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ और ‘रक्तगुलाब’।

आशीष ने ज़ी नेटवर्क के समूह में बतौर वाइस प्रेसिडेंट, हिंदुजा समूह में बिजनेस हेड, बजाज हर्बल्स जैसे समूह के व्यवसाय प्रमुख के रूप में कार्य किया है। उन्होंने प्रकाश झा प्रोडक्शंस के सीईओ, न्यूज 24, ई24 और रेडियो धमाल के ग्रुप सीओओ के रूप में भी काम किया है। आशीष कश्मीर में आतंकवाद और बच्चों और महिलाओं से जुड़े तथा अन्य सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक जाने-माने स्तंभकार भी हैं।

आशीष एशियन कन्फेडरेशन ऑफ बिजनेस एंड थॉट लीडर्स द्वारा “रिस्पॉन्सिबल बिजनेस लीडर 2012” अवॉर्ड और कॉरपोरेट अफेयर्स लीडरशिप अवॉर्ड 2012 जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं। साथ ही आशीष कौल प्रधानमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल से भी प्रशंसा प्राप्त हैं।

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