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शुरुआत में डबल रुपए देकर जीता विश्वास, कहता- देवनारायण भगवान के दर्शन होते हैं मुझे; भक्त बढे़ तो सबके रुपए लेकर भाग गया

अजमेर
कलश बांधकर करोड़ों की ठगी करने वाला ढोंगी बाबा शोभाराम खुद कतई पढ़ा-लिखा नहीं है। इसके बावजूद अपने ठगी के खेल से इसने पढ़े-लिखे, अच्छी-खासी नाैकरी करने वाले, प्राेफेशनल और राजनीति से जुड़े लोगों काे अपने जाल में फांस लिया। खुद को देवनारायण भगवान के दर्शन होने की बात कहते हुए चमत्कार दिखाकर ढोंगी बाबा ने ठगी की शुरुआत की।

पुलिस पड़ताल में उसकी निजी जिंदगी से जुड़े ऐसे कई खुलासे हुए हैं। यह भी पता चला है कि शुरुआती दिनों में कई लोगों को इसने धन व साेना डबल करके भी दिया। जब भक्तों की संख्या बढ़ गई और वह राशि नहीं दे पाया तो पोल खुल गई। यही कारण है कि अब तक ढोंगी बाबा से पुलिस कोई बड़ी बरामदगी नहीं कर पाई है। ढोंगी बाबा पहले भिनाय पुलिस और वर्तमान में केकड़ी पुलिस के रिमांड पर है।

पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला है कि ढोंगी बाबा ठगी की गई राशि अपने सहयोगियों के पास रखता था और ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाबा के सम्पर्क में आने के बाद सहयोगी की आर्थिक हालात में सुधार हुआ है या फिर कहीं कोई सम्पत्ति की खरीद तो नहीं की है।

गौरतलब है कि ढोंगी बाबा ने अजमेर जिले सहित अन्य जगहों पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। टोंक में भी ठगी करने का खुलासा हाल ही में हुआ है। माना जा रहा है कि बदनामी के डर से लोग सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में इन जिलों के अलावा अन्य जगहों पर पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।

दस साल पहले छूटा गांव, घर पर करता था आए दिन झगड़ा

ढोंगी बाबा शोभाराम धाकड़ राेपा (भीलवाड़ा) का रहने वाला है और वह घर पर आए दिन झगड़ा करता था, ऐसे में इसने करीब दस साल पहले ही घर छोड़ दिया था। जानकारी में आया है कि यह घर छोड़कर वहीं गांव के ही मंदिराें में रहने लगा था। केकड़ी के पास मदनपुरा में जिस दुर्गालाल धाकड़ के यहां पर शोभाराम ने शरण ली थी, उससे भी यह उन दिनों ही संपर्क में आया था। जब दुर्गालाल धार्मिक स्थलाें की पैदल यात्रा को निकला था उसने इससे दोस्ती गांठ ली। दुर्गालाल से तब शोभाराम ने कहा था कि वह उसे अपने साथ ले चले। वहां उसका जो भी कामकाज है, उसमें हाथ बंटा देगा। इस तरह से शोभाराम दुर्गालाल के साथ मदनपुरा आ गया।

ढोंगी बाबा की ओर से मंदिर जमीन पर निकाला गया पीतल का चरा व चांदी के सिक्के

गांव में कहानियां सुनाकर लोगों काे किया गुमराह

शोभाराम मदनपुरा में दुर्गालाल के यहां रहने लगा, उसकी खेती आदि में भी हाथ बंटाने लगा। परिवार के सदस्य की तरह से हो गया। वहां लोगों काे यह देवनारायण भगवान की कहानियां सुनाकर यह बताने लगा कि उसने स्वयं भगवान देवनारायण का दर्शन किया है, उन्हें देखा है। बार-बार दिखाए जाने वाले चमत्कार के कारण लोगों काे इसकी इस तरह की बाताें पर यकीन होने लगा। देखते ही देखते गांव के लोग शोभाराम काे भगवान के ही तुल्य समझने लगे। लोग अपनी समस्याएं उसके सामने रखने लगे।

एक-दूसरे को पैसा देकर जमाने लगा विश्वास

ठगी का असली खेल इसके बाद शोभाराम ने शुरू किया और कहने लगा कि कलश बंधवाओं, किसी काे कोई भी समस्या हाेगी उसका समाधान जरूर होगा। कलश बांधने के नाम पर नकद और सोना रखवाने लगा। कथित ताैर पर दुर्गालाल भी उसकी हां में हां भरने लगा। इधर, इस काम के चल निकलने के साथ ही पैसा एकत्र होने लगा। लोगों काे कलश बांधने के अनुष्ठान में वह कई कसमें खिलाने लगा। किसी काे भी इस बारे में नहीं बताने की सौगंध दिलवाने लगा। छह माह तक कलश बंधन जिस कमरे में हुआ वहां पर किसी के भी जाने की मनाही करवा दी गई। इस तरह से पैसा एकत्र हाेने पर काराेबार बढ़ा दिया और इसका पैसा उसे और उसका पैसा इसे देकर काम चलाता रहा। जब भक्तों की संख्या बढ़ी तो पैसे नहीं दे पाया और पोल खुल गई।

ढोंगी बाबा ऐसे करता था पूजा अर्चना

अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

  • शोभाराम धाकड़, मुख्य आरोपी ढोंगी बाबा
  • नासिरदा निवासी दिनेश सोनी, सोने का खरीदार
  • दाताजी मालपुरा निवासी हनुमान गुर्जर, सहयोगी
  • मदनपुरा निवासी दुर्गा लाल धाकड़, मकान मालिक
  • मदनपुरा निवासी खुशीराम धाकड़,मकान मालिक का पुत्र

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