श्रीगंगानगर. प्रत्येक वर्ष होली पर लगने वाला होली मेला रविवार को शहर के पुरानी आबादी स्थित प्राचीन बाबा खेतरपाल मंदिर में शुरू हुआ। पहले दिन लोगों ने बाबा भैरोंनाथ को तेल और सिंदूर चढ़कर शुरुआत की। अगले दो दिन तक यही क्रम चलता रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी। मंदिर में होली के अवसर पर बाबा भैरोनाथ को तेल और सिंदूर अर्पित करने की परम्परा है। रियासतकाल से यह परम्परा चलती आ रही है। मंदिर की स्थापना रियासत काल में श्रीगंगानगर की स्थापना के समय से मानी गई है। ऐसे में भगवान भैरोंनाथ को क्षेत्र का पालक मानते हुए बाबा खेतरपाल के रूप में पूजे जाने की परम्परा है।

श्रीगंगानगर में बाबा खेतरपाल मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु।
सज गया बाजार
मेला स्थल पर उदाराम चौक से ही स्वागत द्वार बना दिए गए हैं। उदाराम चौक पर वाहनों के जाने की व्यवस्था है जबकि इससे आगे के इलाके में लोगों के पैदल जाने के प्रबंध किए गए है। हालांकि रविवार को पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम होने से इस रोड पर ट्रेफिक चालू रखा गया। मंदिर के आसपास अस्थाई दुकानें सज गई हैं।
बाबा को चढ़ाते हैं तेल, सिंदूर और प्रसाद
मंदिर परिसर में होली के मौके पर बाबा को तेल, सिंदूर और प्रसाद चढ़ाया जाता है। मंदिर में बाबा का विशेष शृंगार किया गया है। अगले दो दिन तक लगातार श्रद्धालु यहां आएंगे। पहले दिन रविवार और चतुर्दशी होने से भी कई लोग धोक लगाने मंदिर पहुंचे।