बाद में पहुंची पुलिस ने बराड़ परिवार को सुरक्षित गांव से बाहर पहुंचाया
श्रीगंगानगर,। सादुलशहर थाना क्षेत्र के गांव कालीरावण में आज भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गुंरजंटसिंह बराड़ तथा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार उनके पुत्र एवं भाजयुमो करके पूर्व जिलाध्यक्ष गुरूवीरसिंह बराड़ को संगत दर्शन कार्यक्रम करने जाने पर 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ा। बराड़ परिवार के साथ आए समर्थकों, भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की किसानों से झड़प हो गई। करीब 10 मिनट दोनों पक्षों में तनातनी,खींचतान, धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। गुरजंटसिंह बराड़,उनके पुत्र बलदेवसिंह बराड़ तथा पोते गुरवीरसिंह बराड़ की गाड़ियों के आगे चल रहे समर्थकों ने जब देखा कि किसान उनको आगे नहीं बढ़ रहे दे रहे तो उन्होंने भीड़ में बड़ी तेजी से ट्रैक्टर ट्रॉलियों को दौड़ा दिया। कई लोग चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। ट्रैक्टर ट्रॉलियों के पीछे ही बराड़ परिवार तथा समर्थकों की कारें गांव में चली गईं। पीछे पीछे विरोधी किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। विरोध करने वाले किसानों ने दावा किया है कि बराड़ परिवार को गांव में सार्वजनिक स्थल पर संगत दर्शन कार्यक्रम आयोजित नहीं करने दिया गया। दूसरी तरफ गुरुवीर बराड़ ने दावा किया कि बकायदा कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें करीब एक हजार लोग उपस्थित रहे। दोनों पक्षों में टकराव हो जाने का पता चलते ही सादुलशहर से उपखंड अधिकारी पुलिस बल के साथ कालीरावण गांव पहुंचे। तब तक किसानों ने बराड़ परिवार को गांव के ही एक घर के बाहर घेरे रखा। इन किसानों ने दावा किया है कि पूर्व मंत्री, उसके पुत्र और पोते को सार्वजनिक रूप से आयोजितसंगत दर्शन कार्यक्रम में नहीं जाने दिया गया। विरोध की अगुवाई कर रहे संगठन किसान आर्मी के संयोजक मनिंदरसिंह मान ने कहा कि आज जिस तरह से एकजुट होकर भाजपा का विरोध किया, यह कालीरावण गांव के लोगों की बड़ी जीत है। श्री मान ने बताया कि जब पता चला कि काली रावण में बराड़ परिवार आज संगत दर्शन कार्यक्रम करने जा रहा है तो किसान आर्मी की ओर से कल देर शाम को ही सोशल मीडिया में विरोध जताने की घोषणा कर दी गई थी। इसके बावजूद बराड़ परिवार आज दोपहर करीब 11:30 बजे समर्थकों- कार्यकर्ताओं के साथ संगत दर्शन के लिए कालीरावण पहुंचा। इससे पहले ही मनिंदरसिंह मान की अगुवाई में लगभग 200 किसान काले झंडे लिए हुए गांव की मेन रोड पर पहुंच गए। उन्होंने भाजपा नेताओं का काफिला आते हुए देखकर सड़क पर अवरोधक लगा दिया। काफिले में आगे तीन चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लोग सवार थे। ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोके जाने पर गुरजंटसिंह बराड़ के पुत्र बलदेवसिंह कुछ लोगों को साथ लेकर पैदल गांव की तरफ जाने लगे तो किसानों से धक्का-मुक्की, हाथापाई तथा तनातनी हो गई। करीब 5 मिनट तक दोनों पक्ष के लोग आपस में जूझते रहे। इसी बीच सबसे आगे वाले ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक ने बड़ी तेजी से भीड़ में ही ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ा दी। किसानों तथा ग्रामीणों ने इधर उधर भाग कर जान बचाई। इसके पीछे ही 2-3 ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी आगे निकल गई।पीछे की गाड़ियों में गुरजंटसिंह बराड़ तथा गुरवीर सिंह बराड़ थे। जब यह गाड़ियां निकलने लगी तो किसानों ने रोकने का प्रयास किया। लाठियां चलाईं। इस दौरान एक गाड़ी के शीशे टूट गए। किसानों का दावा है कि बराड परिवार की गाड़ी का शीशा टूटा है। मगर गुरवीरसिंह बराड़ ने कहा कि उनके काफिले में किसी भी गाड़ी का शीशा नहीं टूटा। किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी का शीशा टूटा होगा। श्री बराड़ ने कहा कि इस गांव में जाने पर उनका कोई विरोध नहीं हुआ। गांव के लोग ही आपस में उलझ गए थे। इन लोगों से उनका और भाजपा का कोई संबंध नहीं है। श्री बराड़ ने कहा कि कालीरावण में संगत दर्शन पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार हुआ। इस गांव के एक परिवार द्वारा भोजन भी दिया गया। दूसरी तरफ विरोध करने वाले किसानों ने कहा कि हर उस जगह भाजपा का विरोध किया जाएगा, जहां इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम होंगे। उनका कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। केंद्र की भाजपा सरकार तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले रही। इसलिए भाजपा का विरोध किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि उन परिवारों का बायकाट किया जाएगा, जो इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने वाले भाजपा नेताओं का अपने घरों व प्रतिष्ठानों में आतिथ्य करेंगे। कृषि कानूनों के विरोधी संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल इस क्षेत्र के किसान संगठनों ने पहले से ही ऐलान कर रखा है कि नेताओं का उनके हर सार्वजनिक कार्यक्रम में विरोध किया जाएगा। इस ऐलान के बावजूद सादुलशहर क्षेत्र से आगामी चुनाव में भाजपा के संभावित प्रत्याशी गुरुवीरसिंह बराड़ द्वारा अभी से ही अपने प्रचार प्रसार के लिए पंजाब के अकाली दल की तर्ज पर संगत दर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने श्रीगंगानगर के समीप कालियां गांव में भी दो-तीन दिन पूर्व ऐसा ही कार्यक्रम किया।उधर किसानों का कहना है कि कालिया के कार्यक्रम का पता नहीं चल पाया। इसलिए विरोध नहीं किया जा सका। अब ऐसे कार्यक्रमों पर पूरी नजर रखी जाएगी। श्रीगंगानगर में संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों की बैठक बुलाकर भाजपा का हर स्तर पर विरोध करने की रणनीति को और मजबूत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुरवीरसिंह बराड़ पिछले विधानसभा चुनाव में हार गए थे।