बीकानेर. शहर में रक्षाबंधन और बड़ी तीज की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों तक राखियों की दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं। वहीं घर-घर में भी बहने अपने भाइयों के लिए कलात्मक राखियां तैयार कर रही हैं। उधर बड़ी तीज पर बहन-बेटियों के ससुराल सत्तू भेजने की परम्परा के तहत मिठाई कारखानों और घरों में सत्तू बनने शुरू हो गए है। दुकानों पर इनकी बिक्री भी शुरू हो गई है। बड़ी तीज पर सत्तू के रूप में बड़े आकार की सिग, मध्यम आकार का बारा और छोटे आकार की मठड़ी बनाने की परम्परा है।
इनसे बनते हंै सत्तू
गृहिणी कमला देवी के अनुसार सत्तू चना, चावल और गेहूं के चूण से बनाए जाते है। इनको घी और चीनी मिलाकर बनाया जाता है। मिश्री, बादाम, काजू, पिस्ता, बर्ग से सजाया जाता है। बड़े आकार की सिग 5 व 11 किलोग्राम की बनाई जाती है। जबकि मध्यम आकार का बारा सात सौ ग्राम व एक पाव की छोटे आकार की मुठड़ी बनाई जाती है। मावा से भी सिग, बारा बनाए जा रहे हैं।
आकर्षक व कलात्मक राखियां
रक्षा बंधन को लेकर शहर में आकर्षक डिजाइन की कलात्मक राखियों की बिक्री शुरू हो गई है। स्थायी व अस्थायी दुकानों पर राखियां सज गई हैं। बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखियों की खरीदारी शुरू कर दी है। वहीं भाभी के लिए लुम्बी की खरीदारी की जा रही है। रेशम की डोरी, मोती, सजावटी सामान आदि से तैयार राखियां व लुम्बी सज गई हैं। रक्षा बंधन नजदीक आते-आते इनके बिक्री और बढ़ेगी।
इस माह हैं कई त्योहार
अगस्त में भगवान शिव के सावन के महीने के साथ-साथ कई त्योहार भी हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार 8 अगस्त को हरियाली अमावस्या, 11 अगस्त को हरियाली तीज, 18 अगस्त को पवित्रा एकादशी पर्व है। जबकि 22 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। पंडित किराडू के अनुसार 25 अगस्त को बड़ी तीज का पर्व मनाया जाएगा। महिलाएं व्रत-उपासना करेंगी और झूला झूलेंगी। चन्द्रदर्शन व कजली माता का पूजन कर कथा सुनेंगी। 27 अगस्त को ऊभ छठ का पर्व मनाया जाएगा। 30 अगस्त को घर-घर और कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। गोगानवमी का पूजन 31 अगस्त को होगा।
अगस्त व सितंबर में आने वाले त्योहार
08 अगस्त – हरियाली अमावस्या
11 अगस्त – हरियाली तीज
18 अगस्त – पवित्रा एकादशी
22 अगस्त – रक्षा बंधन
25 अगस्त – बड़ी तीज
27 अगस्त – ऊभ छठ
30 अगस्त – कृष्ण जन्माष्टमी
31 अगस्त – गोगानवमी
04 सितम्बर – बछबारस
10 सितम्बर -गणेश चतुर्थी
11 सितम्बर -ऋषि पंचमी
14 सितम्बर -राधाष्टमी
19 सितम्बर -अनन्त चतुर्दशी
20 सितम्बर – श्राद्ध पक्ष शुरू