अलवर
सेक्सटॉर्शन यानी अश्लील वीडियो दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्डर से रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करना और कैट फिशिंग (खुद को लड़की बता ठगी करना) का बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ है। अलवर पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने अमेरिका तक लोगों को शिकार बनाया गया। कुल मिलाकर करीब 15 करोड़ रुपए ठगे। यह गिरोह फर्जी बैंक खाते और फर्जी मोबाइल सिम जुटाने के अलावा ठगी के रुपए एटीएम से निकालने तक का काम करता था। अमेरिका के टेक्सास शहर के एक NRI से भी करीब 1.5 लाख रुपए ठगे थे। आठों आरोपी दौसा के कोट गांव व जयपुर के शास्त्री नगर के रहने वाले हैं।
अलवर एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 1 अगस्त को हेड कॉन्स्टेबल जगबीर को मुखबिर से सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि एक युवक लड़की बनकर वीडियो चैट करता है। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रकम ऐंठता है। इसके बाद पुलिस ने कॉन्स्टेबल इमरान को बोगस ग्राहक बनाया। फिर ठगी करने वाले सोजत ने कॉन्स्टेबल इमरान से भी 10 हजार रुपए मांगे। नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस इन ठगों को पकड़ने के लिए कोशिश शुरू कर दी।
अलवर के रूपबास पुलिस से पकड़ा
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सेल की सहायता से अलवर शहर के रूपबास के पास एक कार को रोका। जिसमें बैठे साजिद का मोबाइल चेक किया तो इमरान के साथ की चैटिंग का वीडियो मिल गया। अन्य कई वीडियो भी मिले। फिर पुलिस ने उसके बगल में बैठे असफाक खान और तीसरे राशिद को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह के 8 लोग पकड़े
अलवर शहर में पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने 5 अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया। जो अलग-अलग जगहों पर इसी तरह ठगी करने में लगे थे। पुलिस ने बताया कि अब तक गफरुद्दीन , सैफअली , अकरम, मोइन खान, मोइन इरफान खान, साजिद धोला, राशिद और असफाक उर्फ कुन्ना को गिरफ्तार किया।
अमेरिका में रह रहे NRI से डेढ़ लाख ठगे
इस गिरोह ने अमेरिका के टेक्सास शहर में रह रहे एक NRI से भी करीब डेढ़ लाख रुपए ठगे। उसका भी न्यूड वीडियो बना लिया था। ठगी के बावजूद भी रकम मांगी जा रही थी। इनके पकड़े जाने के बाद टेक्सास शहर के व्यक्ति ने वीडियो के जरिए अलवर पुलिस को धन्यवाद दिया है। जिसने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी।
अब तक 15 करोड़ ठग चुके
दौसा के कोट व शास्त्री नगर जयपुर के आरोपियों ने बताया कि अब तक करीब 15 करोड़ रुपए बैंकों से निकाल चुके हैं। यह सारा पैसा ठगी का है। यह गिरोह पैसे निकालने का काम करने के अलावा फर्जी सिम व बैंक खाते भी खुलाता था। खास बात यह है कि इसमें एक दो ट्रक ड्राइवर हैं। ज्यादातर 10वीं और 12वीं पढ़े लिखे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने बताया कि कोट गांव के 80 प्रतिशत युवा ठगी करने में लगे हैं। वे अलग-अलग ग्रुप बनाकर इसी काम में लगे हैं।

पुलिस गिरफ्त में आठों आरोपी। जो लड़की बन करते थे बात।
ऐसे करते थे सेक्सटॉर्शन
गिरोह में शामिल लड़के पहले लड़कियों के नाम पर लोगों से सोशल मीडिया के जरिए मैसेज कर दोस्ती करते थे। उनसे रोज बातें कर अच्छी दोस्ती करते थे। फिर वीडियो कॉल करते थे। वीडियो कॉल करते वक्त आरोपी अपना चेहरा न दिखाकर अश्लील वीडियो सामने वाले व्यक्ति को दिखाते थे। साथ ही स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेते थे। फिर मैसेज कर ब्लैकमेल किया जाता था।
पुलिस होगी सम्मानित
SP ने बताया कि इस बड़े गिरोह को पकड़ने में आइपीएस विकास सांगवान, एसएचओ हरिसिंह धायल, एसएचओ जहीर अब्बास, एसआई हनुमान सहाय व एएसआई कासम खान सहित कई पुलिसकर्मी शामिल हैं।