शिवगंज (सिरोही/पाली)
जोधपुर में युवक ने अपने ही परिचित के 11 साल के बच्चे को किडनैप कर लिया। आरोपी ने सोमवार शाम को शिवगंज से घर के पास खेल रहे बच्चे का किडनैप किया था। आरोपी ने देर रात घर वालों को फोन कर बच्चे के एवज में 1.5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस व विधायक संयम लोढ़ा को दी। पुलिस ने पीछा कर देर रात करीब डेढ़ बजे ढोला (पाली) के निकट से आरोपी जोधपुर के शिवरोड रातानाडा निवासी 39 वर्षीय देवेश पुत्र गोपीकिशन सोनी को पकड़ा और बालक को संरक्षण में लिया। पुलिस ने आरोपी की बाइक भी कब्जे में ली।

मीत के साथ एसपी यादव व सिरोही पुलिस टीम।
सिरोही एसपी धर्मेंद्रसिंह यादव ने बताया जिले के शिवगंज निवासी 11 वर्षीय छात्र मीत सोनी रविवार शाम को 5 बजे लापता हो गया। मीत के पिता लक्ष्मण सोनी व अन्य परिजन मीत को अपने स्तर पर शिवगंज व अन्य जगह ढूंढ़ते रहे, लेकिन नहीं मिला। लापता होने के 6 घंटे बाद करीब 11 बजे एक शख्स का लक्ष्मण सोनी के पास फोन आया। उसने 1.5 करोड़ की फिरौती मांगी। परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने पुलिस और स्थानीय विधायक संयम लोढ़ा को जानकारी दी। पुलिस ढाबों से किए गए कॉल के आधार पर आरोपी तक पहुंची।
पुलिस ने बताया कि लक्ष्मण सोनी का सोने-चांदी का व्यापार है। देवेश सोनी भी सोने के व्यापार के चलते एक-दूसरे को जानते थे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सोने के आभूषणों के व्यापार के चलते आरोपी का लक्ष्मण सोनी के यहां आना-जाना था। दोनों एक ही जाति के थे। देवेश को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा तो उसने लक्ष्मण सोनी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई। मंगलवार शाम को मीत का अपहरण कर लिया।
फिरौती के लिए ढाबों वालों के मोबाइल से फोन किया
आरोपी देवेश लक्ष्मण सोनी और उसके परिवार को अच्छे से जानता था। इसी का फायदा उठाकर मीत का किडनैप किया। आरोपी काफी शातिर था। फिरौती के लिए भी उसने खुद के फोन से कॉल नहीं किया। शिवगंज से निकलने के बाद रास्ते में आने वाले ढाबों पर रुक कर दूसरों के नंबर से कॉल किए। इसके बाद भी वह पकड़ा गया।
डेढ़ करोड़ या सोना दो नहीं तो तेरे बेटे के हाथ-पांव काट दूंगा
आरोपी ने कॉल कर लक्ष्मण सोनी को धमकाय कि डेढ़ करोड़ या सोना जहां कहता हूं वहां पहुंचा देना। पुलिस को खबर की तो तुम्हारे बेटे के हाथ-पांव काट दूंगा। आरोपी ने रास्ते में एक बार मीत की बात भी लक्ष्मण सोनी से करवाई। पुलिस के कहने पर लक्ष्मण सोनी ने उसे बातों में उलझाए रखा। 5 लाख , फिर 10, फिर 20 लाख ऑफर किए लेकिन आरोपी मीत के छोड़ने के बदले डेढ़ करोड़ या सोना लेने की बात पर अड़ा रहा।
मीत को बोला तेरे पापा का पार्सल है, साथ चल
मीत ने बताया कि देवेश अंकल ने कहा कि तेरे पापा का पार्सल आया हैं। साइकिल रखकर मेरे साथ चल। इस पर वह उनकी बाइक पर बैठ गया, लेकिन काफी देर बाद भी नहीं रुके तो देवेश अंकल से पूछा हम कहां जा रहे हैं। कितना दूर रखा हैं पार्सल। इस पर उन्होंने उसे डांटा। बच्चा सहम गया और चिल्लाने की कोशिश करने लगा, लेकिन देवेश ने चुप करा दिया। वह कई बार पूछता रहा कि कहां जा रहे हैं। लेकिन बदमाशों ने उसे चुप करा दिया। बच्चा अब तक सदमे में है, ऐसे में कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। पुलिस को भी बयान नहीं दिए है।
कर्जा उतारने के लिए रची अपहरण की साजिश
आरोपी जोधपुर के घोड़ों का चौक में सोने-चांदी की दुकान संचालित करता हैं। लॉकडाउन में धंधा बंद था, घाटा भी हो गया। ऐसे में उस पर लाखों रुपए का कर्जा हो गया। दिन भर रुपए मांगने वालों के उसके पास कॉल आते रहते थे। इससे काफी परेशान चल रहा था। लक्ष्मण सोनी से परिचय था तथा पता था कि उसके पता था कि लक्ष्मण सोनी मालदार पार्टी हैं। उसके बेटे का अपहरण करूंगा तो वह रुपए दे देगा। इससे उसका कर्जा उतर जाएगा। इसलिए उसने मीत का अपहरण किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी का पूर्व में कोई आपराधिक रेकॉर्ड नहीं हैं।
इस टीम ने पकड़ा आरोपी को
सिरोही वृत्ताधिकारी मदनसिंह, बुद्धाराम थानाप्रभारी शिवगंज, करणीदान उपनिरीक्षक, एएसआई विक्रमसिंह, हेड कांस्टेबल नरपतसिंह, भवानसिंह आदि की टीम ने आरोपी को पकड़ने में भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार इस मामले को सुलझाने में मुखबिरों की भूमिका रही।