हाईकोर्ट के स्टे के चलते नहीं हुई कियोस्क हटाने की कार्रवाई
by seemasandesh
भाजपा, आम आदमी पार्टी व सीटू ने भी दिया समर्थन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जोधपुर हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते नगर परिषद की ओर से शनिवार को भी टाउन में जिला अस्पताल के बाहर स्थित कियोस्क हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी। नगर परिषद की ओर से कियोस्क हटाने के लिए जारी किए गए नोटिस पर शुक्रवार को जोधपुर हाईकोर्ट की ओर से स्टे दे दिया गया था। नगर परिषद अधिकारियों ने पहले शुक्रवार को कियोस्क हटाने की कार्रवाई की बात कह कियोस्क धारियों को दुकानें खाली करने को कहा था। लेकिन शुक्रवार को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में व्यस्तता के चलते नगर परिषद की ओर से कियोस्क हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी। इस पर नगर परिषद सभापति ने शनिवार सुबह 8 बजे से कियोस्क हटाने की बात कही लेकिन नगर परिषद कियोस्क हटाती इससे पहले शुक्रवार को हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश पारित कर दिया। उधर, कियोस्क हटाने के लिए नगर परिषद की ओर से नोटिस थमाने के विरोध में कियोस्क धारियों का अपने परिवार के सदस्यों के साथ जिला अस्पताल के बाहर धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कियोस्क भी तीसरे दिन बंद रहे। धरने पर पुरुषों के साथ महिलाएं व बच्चे भी मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी व सीटू के कार्यकर्ता भी कियोस्क धारियों की मांग का समर्थन करते हुए धरने पर बैठे। इस दौरान आम आदमी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने जिन लोगों को स्वयं कियोस्क आवंटित किए थे, आज उन्हीं लोगों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू कर यह कह रही है कि बेरोजगार को रोजगार दिया जाएगा। दूसरी तरफ जिन लोगों को रोजगार मिला हुआ है उनसे रोजगार छीनने का काम किया जा रहा है। बेनीवाल ने कहा कि जिस समय कियोस्क आवंटित किए गए थे उस समय भी जिला अस्पताल के सामने 80 फीट की सड़क थी और आज भी 80 फीट है। अगर आवंटित किए गए कियोस्क सड़क की परिधि में आ रहे थे तो नगर परिषद ने करीब बीस साल पहले कियोस्क क्यों आवंटित किए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से शहर में जगह-जगह सरस के बूथ खुलवाए गए हैं जो सभी नेशनल और स्टेट हाइवे पर खुले हुए हैं। कुछ दिन यही कहानी उन बूथ संचालकों के साथ होगी। सरकार की ओर से प्लानिंग को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा। पहले भी शहर में इस तरह के हालात पैदा हुए हैं। नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने के नाम पर सिर्फ गरीब दिखाई देता है। वास्तविक अतिक्रमणधारियों को छेड़ा नहीं जा रहा। इसलिए प्रशासन से मांग है कि किसी गरीब को उजाड़ने का प्रयास न किया जाए। यदि उनके पास रोजगार नहीं है तो रोजगार मत दीजिए। लेकिन जिसका रोजगार चल रहा है, उसे छीनने का प्रयास न करें। सीटू नेता बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना के बाद किसी का रोजगार छीन गया तो किसी का रोजगार कम हो गया। पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी देखने को मिल रही है। ऐसी परिस्थितियों में नगर परिषद ने जिला अस्पताल के बाहर आवंटित कियोस्क संचालित करने वाले लोगों को नोटिस दिए हैं कि उनकी दुकानें तोड़ी जाएंगी। कियोस्क धारियों के पास हाईकोर्ट का स्टे है। इसलिए नगर परिषद इन कियोस्क धारियों को यहां से हटाकर इनकी रोजी-रोटी का जरिया न छीने। अगर बावजूद इसके नगर परिषद ने कियोस्क हटाने का प्रयास किया तो सभी शहरवासी इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। धरने पर भाजपा नगर मण्डल टाउन अध्यक्ष प्रदीप ऐरी, आम आदमी पार्टी की विमला मोदी आदि मौजूद थे।