नई दिल्ली
दिवाली से पहले लोग पेट्रोल और डीजल के दामों में रोजाना आधार पर हो रही बढ़ोतरी से बुरी तरह त्रस्त थे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ा एलान किया और ईंधन की कीमतों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती कर दी। सरकार की ओर से जनता को दिए गए इस तोहफे के कारण देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें घट गईं। राज्यों ने भी केंद्र की देखा-देखी वैट में कटौती करना शुरू कर लोगों को राहत दी। गौर करने वाली बात ये है कि इसके बाद से ही हर रोज इनके दामों में होने वाले 10-20 पैसे इजाफे पर ब्रेक लग गया। आखिरी बार तेल के दामों में बढ़ोतरी बीती 4 नवंबर को देखने को मिली थी। हालांकि, बड़ा सवाल ये है कि आखिर 37 दिनों से तेल की कीमतें स्थिर क्यों हैं, क्या कारण है कि इनके दाम में 5-10 पैसे का भी इजाफा नहीं किया।