जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के बाद 953 करोड़ का संजीवनी क्रेडिट घोटाला फिर चर्चा में आ गया है। गहलोत ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह पर निवेशकों का पैसा हड़पने वाली संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के साथ संबंध होने के आरोप लगाए थे।
गहलोत ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के लोग बाड़मेर-जैसलमेर तक रो रहे हैं। उनमें ईमानदारी है तो बताएं कि जनता से लूटे हुए रुपए लोगों को वापस देने की क्या तरकीब है? गहलोत ने कहा कि आदर्श सोसाइटी, नवजीवन सोसायटी की तरह संजीवनी सोसाइटी के चार लोग जेल में बैठे हैं। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को पहले ही नोटिस भी जारी हो चुका है। जानिए क्या है संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला…
3 बिंदुओं के जरिए समझिए पूरा घोटाला
- संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी को राजस्थान सोसायटी एक्ट के तहत 2008 में रजिस्टर्ड कराया गया था।
- 2010 में ये सोसायटी मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी के रूप में बदल गई। लोगों को कई तरह के प्रलोभन देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया गया।
- 1 लाख से ज्यादा लोगों ने सोसायटी में करोड़ों रुपए का निवेश किया। लेकिन उनकी राशि वापस लौटाई नहीं गई।