बीकानेर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार हुई राष्ट्रीय लोक अदालत जिला मुख्यालय बीकानेर एवं ताल्लुका नोखा, श्रीडूंगरगढ़, कोलायत, लूणकरनसर, खाजूवाला पर सभी प्रकृति के विवादों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया गया।
न्यायाधीश मदनलाल भाटी जिला एवम् सेशन न्यायाधीश बीकानेर के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों में से कुल 10079 प्रकरण लोक अदालत में रखे गए। जिनमें 1475 प्रकरणों का लोक अदालत की भावना से निस्तारण हुआ तथा 10 करोड़ 18 लाख 11 हजार 049 की राशि का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा प्री-लिटीगेशन के 8076 प्रकरण रखे गए। जिनमें से 203 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत की भावना से होकर उनमें से 2 करोड़ 97 लाख 53 हजार 165 की राशि का अवार्ड पारित किया गया।
आपसी सहमति से राजीनामा
राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश संख्या एक बीकानेर मीनाक्षी जैन ने 13 वर्ष पुराने विभाजन के मामले का पक्षकारान के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा करवाया। लोक अदालत के दौरान दोनों पक्षों के मध्य समझाईस करवाकर इस 13 वर्ष पुराने प्रकरण का निस्तारण कर पक्षकारों के मध्य सौहार्द कायम किया गया। दोनों पक्षों के अधिवक्तागण ने भी आपसी समझाईस से प्रकरण निस्तारण में सहयोग किया गया। मनोज कुमार गोयल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर ने लोक अदालत बैंचों के सभी सदस्यों अधिवक्ताओं, समस्त बैंकों के मैंनेजर-अधिकारियों, पक्षकारों, कर्मचारियों का लोक अदालत के आयोजन में सकारात्मक भूमिका अदा करने के लिए धन्यवाद प्रकट किया।