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आईजीएनपी में हिस्से के अनुसार पानी के लिए किसान आरपार का संघर्ष करेंगे: श्योपत

अनूपगढ़ में 22 सितंबर की महापंचायत के लिए गांवों में जनसंपर्क अभियान
श्रीगंगानगर।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण की नहरों का रेगुलेशन बनाने की मांग को लेकर 22 सितम्बर को अनूपगढ़ में आयोजित किसान महापंचायत को लेकर किसान नेताओं ने इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया है अखिल भारतीय किसान सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्योपतराम मेघवाल ने आज कहा कि क्षेत्र के किसान इस बार सरकार से आर-पार की लड़ाई का संघर्ष करने को तैयार है। उन्होंने आज किसान नेता पृथ्वीराज बुडानिया सहित अनेक किसान प्रतिनिधियों के साथ गोमावाली, कूपली, भागसर,चक 9,6,10, और 11 एएस, मोटासर समेत अनेक गांवों में जनसंपर्क किया।किसान महापंचायत में किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की।श्योपत मेघवाल ने कहा कि आईजीएनपी में सिंचाई पानी को लेकर प्रथम चरण के हालात वर्ष 2004 से भी बदतर होते जा रहे हैं। बिना संघर्ष के किसान और किसानी को बचाया नहीं जा सकता है। किसान संगठनों द्वारा बार बार मांग करने पर भी राज्य सरकार ने प्रथम चरण क्षेत्र की नहरों में पानी के लिए रेगुलेशन जारी नहीं किया। उपलब्ध पानी के आधार पर फसल की बिजाई व पकाई के अनुरूप रेगुलेशन जारी करवाकर प्रथम चरण को आबाद करने की जरूरत है। किसान सभा के पृथ्वीराज बुडानिया ने किसी से आह्वान किया कि 22 सितम्बर को अनूपगढ़ में होने वाली महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंचे। किसान नेताओं बबलू पचार, रामस्वरूप खीचड़, रामलाल छिम्पा, श्रवण कुमार गुरभेजसिंह, डूंगरराम नायक, करमसिंह सोहल, श्यामलाल छिम्पा चरणसिंह, सेठी मेघवाल, भागाराम मेघवाल, नानूराम, रूपाराम, सतपाल, गिरधारी, प्रेम जगदीश राव, सुधा बावरी, भीमराज, विनोद मंदिवाल, जग्गी मान, इंद्र कुम्हार आदि अनेकों गांव में प्रचार प्रसार किया।

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