नागौर
देशभर में गुरुवार को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इसी कड़ी में नागौर जिले के भंवाल ग्राम स्थित भंवाल माता मंदिर में भी माता की पूजा-अर्चना और आरती के बाद घट स्थापना की गई।
माता के इस मंदिर की खासियत अन्य मंदिरों और शक्तिपीठों में सबसे अलग है। दूसरे देवी मंदिरों की तरह यहां माता को सिर्फ लड्डू, पेड़े या बर्फी का नहीं, शराब का भोग भी लगता है। वह भी ढाई प्याला शराब। सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह सच है, लेकिन यह भोग हर भक्त का नहीं चढ़ाया जाता। इसके लिए भक्तों को भी आस्था की कसौटी पर परखा जाता है। यदि माता को प्रसाद चढ़ाने आए श्रद्धालु के पास बीड़ी, सिगरेट, जर्दा, तंबाकू और चमड़े का बेल्ट, चमड़े का पर्स होता है तो भक्त मदिरा का प्रसाद नहीं चढ़ा सकता।