बीकानेर. दशहरे पर इस बार भी लोगों को रावण परिवार के पुतलों का दहन और रंग-बिरंगी आतिशबाजी को देखने का मौका नहीं मिलेगा। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर दशहरा उत्सव आयोजन कमेटियों की ओर से दशहरा उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया है। दशहरा पर निकाली जाने वाली झांकियों को भी इस बार नहीं निकाला जाएगा। यह दूसरा अवसर होगा, जब शहर में दशहरा उत्सव का आयोजन नहीं होगा। गत वर्ष भी कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था।
नहीं होगा आयोजन
दशहरा उत्सव आयोजन से जुड़ी कमेटियों ने बैठकों का आयोजन कर कोरोना गाइडलाइन की पालना और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की पालना के तहत इस बार भी दशहरा उत्सव का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है। बीकानेर दशहरा कमेटी के राकेश मेहंदीरता के अनुसार कमेटी की ओर से निर्णय लिया गया है कि कोरोना के चलते इस बार भी दशहरा का उत्सव आयोजन नहीं किया जाएगा। श्री राम लक्ष्मण दशहरा कमेटी के सुभाष भोला के अनुसार लगातार दूसरे साल दशहरा उत्सव को स्थगित किया गया है। यह निर्णय कमेटी की बैठक में लिया गया। आचार्य धरणीधर ट्रस्ट के रामकिशन आचार्य के अनुसार दशहरा उत्सव आयोजन को लेकर बैठक रखी गई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार भी आयोजन नहीं किया जाएगा। दशहरा कमेटी भीनासर के कुसुम कांत जोशी के अनुसार उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया गया है।
यहां होता है दशहरा उत्सव
दशहरे के दिन शहर में विभिन्न स्थानों पर दशहरा उत्सव का आयोजन होता है। दशहरा उत्सव कमेटियों की ओर से शहर में सचेतन झांकियां भी निकाली जाती है। दशहरा उत्सव स्थल पर रंग बिरंगी आतिशबाजी कर रावण, कुंभकण और मेघनाद के पुतलों का प्रतीकात्मक दहन किया जाता है। शहर में डॉ. करणी सिंह स्टेडियम, मेडिकल कॉलेज मैदान, धरणीधर मैदान और भीनासर क्षेत्र में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है।
एक महीनें पहले शुरुआत
शहर में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियां दशहरे से करीब एक महीने पहले ही शुरू हो जाती है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने के कलाकार पुतलों का बनाने का काम शुरू कर देते है। दशहरा उत्सव स्थल पर ही इनको बनाया जाता है। पुतले बनाने के कारीगर बाहर से आते है। कमेटी पदाधिकारियों के अनुसार कारीगरों के इस साल भी फोन आए, लेकिन इस बार आयोजन नहीं होने के कारण उनको नहीं बुलाया गया है।