कोविड से रिकवरी के 1 साल बाद भी मरीज इसके खतरों और साइड इफेक्ट्स से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीजों पर हुई नई रिसर्च अलर्ट करने वाली है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का कहना है, कोविड के हल्के लक्षणों वाले ऐसे मरीज जो हॉस्पिटल में भर्ती नहीं हुए उनमें भी सालभर बाद हृदय रोगों का खतरा कम नहीं हुआ है।
इन मरीजों में 39 फीसदी तक हार्ट फेल और 24 फीसदी तक स्ट्रोक होने का रिस्क है। इतना ही नहीं, इनमें 119 फीसदी पल्मोनरी एम्बोलिज्म (ब्लड क्लॉटिंग का एक प्रकार) और 277 फीसदी तक दिल में सूजन होने की आशंका बनी हुई है।